#विविध

August 18, 2025

हिमाचल : पंचतत्व में विलीन हुए शहीद विकास, 7 साल के बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि

कमांडो विकास को कुपवाड़ा में मिली शहादत

शेयर करें:

Martyr Vikas Bhandari

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के वीरगति हासिल करने वाले 41 वर्षीय कमांडो विकास भंडारी पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। शहीद की पत्नी और बूढ़ी मां ने सैल्यूट कर पति को घर से अंतिम विदाई दी। 

पंचतत्व में विलीन हुए विकास

शहीद विकास की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों ने वीर जवान अमर रहे के नारों के साथ विकास को अंतिम विदाई दी। विकास को मुखाग्नि उनके सात साल के बेटे वैभव ने दी। विकास का अंतिम संस्कार बैजनाथ स्थित महाकाल श्मशान घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया

यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस इन एक्शन मोड : स्टंट करने वाले 'RIDERS' की लगेगी क्लास, यहां जानिए कैसे

कुपवाड़ा में मिली शहादत

कमांडो विकास भंडारी को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में बीती 16 अगस्त को शहादत मिली। वह भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स यूनिट से जुड़े हुए थे और ऑपरेशन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से ना सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा इलाका गहरे शोक में डूब गया है।

दो बच्चों के पिता था कमांडो विकास

कमांडो विकास भंडारी (41) कांगड़ा जिले के बैजनाथ उपमंडल स्थित दयोड़ा गांव के निवासी थे। वह अपने पीछे पत्नी, दो मासूम बच्चे, माता-पिता और भाई-बहनों को छोड़ गए हैं। उनकी असामयिक मौत से दो नन्हे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव भर में शोक की लहर दौड़ गई है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : रात को सबने साथ में खाया खाना, सुबह परिजनों को कमरे में मिली बेटे की देह- पसरा मातम

सुबह घर पहुंची थी पार्थिव देह

कमांडो भंडारी का पार्थिव शरीर आज सुबह करीब 8 बजे उनके पैतृक गांव दयोड़ा पहुंचा था। जहां पर कुछ देर रखने के बाद पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ फिर उन्हें अंतिम विदाई दी गई।  

पिता बोले – "मेरा बेटा देश की सेवा करते हुए गया"

विकास के पिता ने भारी मन से कहा, “मेरा बेटा देश के लिए जिया और देश की सेवा करते हुए ही चला गया। वह बचपन से ही अनुशासित और साहसी था। हमें उस पर गर्व है, लेकिन बेटे को खोने का दुख कभी नहीं मिटेगा।” उन्होंने बताया कि विकास के बच्चे उसके छुट्टी आने का इंतजार कर रहे थे।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में बारिश ने मचाई तबाही : सतलुज में समाई सड़क, कई क्षेत्रों का संपर्क कटा

गांव में पसरा मातम, हर आंख नम

दयोड़ा गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की गहरी छाया है। विकास भंडारी को जानने वाले उन्हें एक साहसी, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं। गांव के लोग बताते हैं कि बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना थी और वे हर कार्य में अनुशासन का पालन करते थे। उनके निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा क्षेत्र एक वीर सपूत को खोने का दुख झेल रहा है।

हिमाचल ने खोया एक और वीर योद्धा

हिमाचल प्रदेश, जो हमेशा से अपने बहादुर जवानों के लिए जाना जाता है, ने एक और जांबाज सैनिक को खो दिया है। कमांडो विकास भंडारी की वीरता, समर्पण और देश के प्रति निष्ठा को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनके बलिदान को हिमाचल और देश हमेशा याद रखेगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में सवारियों से भरी बस पर गिरा विशालकाय पत्थर, बच्चे समेत तीन लोग पहुंचे अस्पताल

कुपवाड़ा सेक्टर में चल रहा था सेना का ऑपरेशन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला कांगड़ा के तहत आते बैजनाथ उपमंडल, दियोडा (सकड़ी) निवासी विकास भंडारी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। विकास भंडारी इस समय कुपवाड़ा सेक्टर में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। वहां सेना का ऑपरेशन भी जारी था। इस दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और हालात इतने गंभीर हो गए कि वे शहीद हो गए।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख