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August 7, 2025
हिमाचल में देर रात फटा बादल, घरों में फंसे कई लोग- चीखों से दहला इलाका
तेज बारिश के कारण प्रदेश की नदियां उफान पर हैं
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश एक बार फिर कहर बनकर टूटी है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दरशाल गांव में बुधवार रात करीब सवा 10 बजे बादल फटने की घटना सामने आई।
अचानक हुए इस भीषण प्राकृतिक घटनाक्रम से इलाके में हड़कंप मच गया। तकलेच बाजार में अफरा-तफरी मच गई, जबकि निचले क्षेत्रों में स्थित नोगली नाले में देखते ही देखते उफान आ गया। उफनती नाले को देखकर लोगों के चेहरे पर डर साफ छलक रहा था।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस दौरान रातभर राहत व बचाव दल सक्रिय रहा। हालांकि जानमाल के नुकसान की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और रास्तों में भारी मलबा भर गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
पहाड़ों में हो रही तेज बारिश के कारण प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर जिले में स्थित कोल डैम से गुरुवार सुबह 7:30 बजे एक बार फिर पानी छोड़ा गया।
डैम प्रबंधन के अनुसार पानी छोड़े जाने से सतलुज का जलस्तर लगभग 4 से 5 मीटर तक बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि नदी का पानी आगे चलकर पंजाब के क्षेत्रों में प्रवेश करता है।
बारिश के कारण प्रदेश की सड़क व्यवस्था भी चरमराई हुई है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन मार्ग मंगलवार रात से ही दवाड़ा क्षेत्र में बंद है। लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर रही हैं। सड़क पर मलबा आने से बहाली कार्य में भी कठिनाई आ रही है। संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं लेकिन भूस्खलन रुक-रुक कर जारी है, जिससे पुनः खोलने में देर हो रही है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश का सिलसिला थमने के बजाय जारी रहेगा, हालांकि मॉनसून की तीव्रता कुछ हद तक कम होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग मे आज के लिए सिरमौर और सोलन जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। जबकि, कल यानी 8 अगस्त को कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला अलर्ट पर हैं। 9 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
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प्रदेश में इस वर्ष का मानसून अब तक जानलेवा साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार-
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राज्य सरकार ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है और NDRF, SDRF, पुलिस, होम गार्ड तथा स्थानीय प्रशासन को 24x7 निगरानी में लगाया गया है। कई स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है, जबकि नदी-नालों के पास लोगों की आवाजाही पर सख्त रोक है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने आपदा से निपटने हेतु युद्धस्तर पर राहत कार्यों के आदेश दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता की मांग भी दोहराई गई है।