#राजनीति
August 5, 2025
सुक्खू कैबिनेट का अभी नहीं होगा विस्तार, दिल्ली में संगठन- प्रदेशअध्यक्ष के लिए इन चेहरों पर हुई चर्चा
एक व्यक्ति एक पद पर चर्चा, मंत्री को प्रदेशअध्यक्ष बनने के लिए छोड़नी होगी सुक्खू कैबिनेट
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन सरकार बनने के अढ़ाई साल बाद भी एक खाली पड़ा मंत्री पद अभी तक नहीं भरा गया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कांग्रेस को ना तो नया प्रदेश अध्यक्ष मिल रहा है और ना ही पिछले 9 माह से संगठन का गठन हो पा रहा है। अब इन सब बातों को लेकर दिल्ली में मंथन चल रहा है। जिसमें पार्टी हाईकमान हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ बैठकें कर रहा है।
दिल्ली में आयोजित इन अहम बैठकों से साफ हो गया है कि पार्टी हाईकमान अब प्रदेश संगठन को मजबूत करने के साथ साथ प्रदेश अध्यक्ष पर भी जल्द फैसला लेगा। हालांकि सुक्खू कैबिनेट में खाली पड़े एक मंत्री पद के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में हाईकमान ने सिर्फ संगठन के गठन और प्रदेश अध्यक्ष पर ही चर्चा की है। ऐसे में कांग्रेस को अब जल्द ही नया अध्यक्ष और पूरी प्रदेश कार्यकारिणी मिल सकती है।
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दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में हिमाचल कांग्रेस के संगठनात्मक हालात पर लंबी चर्चा की गई। इसके बाद कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने हिमाचल सदन में मुख्यमंत्री सहित सभी प्रमुख मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और प्रदेश अध्यक्ष के संभावित नामों पर उनकी राय जानी।
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बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष के लिए जिन नामों पर चर्चा हुईए उनमें विनय कुमार, विनोद सुल्तानपुरी, आशीष बुटेल और पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर प्रमुख रूप से शामिल हैं। वहीं यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के नाम भी संगठन की कमान संभालने के लिए सामने लाए गए हैं, लेकिन इस पर हाईकमान ने साफ कर दिया है कि एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत सख्ती से लागू होगा। यदि किसी मंत्री को अध्यक्ष बनाया जाता है तो उसे मंत्रिपद छोड़ना होगा।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात को लेकर गहन चर्चा हुई कि प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का गठन अब और नहीं टलना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, जो स्वयं भी बैठक में मौजूद थीं, ने पीसीसी के साथ-साथ जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणियों के गठन की मांग की। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी रजनी पाटिल ने जल्द निर्णय का भरोसा दिलाया है। उम्मीद की जा रही है कि इसी सप्ताह कार्यकारिणी की सूची जारी हो सकती है।
दिल्ली की बैठकों में यह भी स्पष्ट हो गया कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई है। सुक्खू मंत्रिमंडल में अभी एक पद खाली है, और इस पद के लिए कुल्लू से विधायक एवं पूर्व सीपीएस सुंदर ठाकुर का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। हालांकि, संगठन पर फोकस को देखते हुए फिलहाल कैबिनेट विस्तार को टाल दिया गया है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि हाईकमान फिलहाल संगठनात्मक ढांचे को प्राथमिकता दे रहा है और सरकार में फेरबदल बाद की योजना में है।
रजनी पाटिल ने मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ विस्तृत बातचीत के अलावा उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, धनी राम शांडिल, चंद्र कुमार, जगत सिंह नेगी, हर्षवर्धन चौहान और रोहित ठाकुर से अलग-अलग मिलकर संगठन और सरकार की कार्यशैली पर राय ली। इसमें यह जाना गया कि संभावित अध्यक्ष पद के लिए उनकी पसंद कौन है और क्यों। इसके साथ ही मंत्री अपने.अपने विभागों में किए गए कार्यों का लेखा-जोखा भी लेकर पहुंचे थे।
राहुल गांधी ने सभी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। गुटबाजी और मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन और सरकार को मिलकर काम करना होगा। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति को खत्म करने के लिए हाईकमान अब निर्णायक मोड में आ गया है।