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November 14, 2025
संजौली मस्जिद विवाद: महिलाओं ने बाहरी मुस्लिमों को नहीं पढ़ने दी जुमे की नमाज, तनावपूर्ण हुआ माहौल
बाहरी लोगों को संजौली मस्जिद में नहीं पढ़ने दी जुमे की नमाज
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की संजौली मस्जिद के बाहर आज शुक्रवार को एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया। यहां स्थानीय महिलाओं, देवभूमि संघर्ष समिति ने बाहरी मुस्लिम लोगों को जुमे की नमाज अदा करने के लिए संजौली मस्जिद के अंदर नहीं जाने दिया। जिससे स्थानीय महिलाओं, देवभूमि संघर्ष समिति और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालांकि स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने संजौली मस्जिद के बाहर और मुख्य बाजार में भारी पुलिस बल तैनात किया था।
आज शुक्रवार को स्थानीय महिलाएं संजौली मस्जिद के बाहर खड़ी हो गईं। इस दौरान उन्होंने बाहरी मुस्लिमों को जुमे की नमाज अदा करने के लिए संजौली मस्जिद के भीतर नहीं जाने दिया। हालांकि शिमला शहर के मुस्लिमों को इन महिलाओं और देवभूमि संघर्ष समिति ने नहीं रोका और उन्हें मस्जिद के अंदर जाने दिया। इस दौरान कुछ बाहरी मुस्लिम जुमे की नमाज अदा करने के लिए भीतर जाने पर अड़ गए और उनकी देवभूमि संघर्ष समिति के लोगों से तीखी नोकझोक भी हुई।
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इस दौरान संभावित विवाद को देखते हुए मस्जिद परिसर और संजौली बाजार क्षेत्र में पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां पहले से ही तैनात थीं। तनाव बढ़ने पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और लोगों को शांत रहने की अपील की गई। स्थानीय मुस्लिम निवासी निर्धारित समय पर मस्जिद के भीतर जा सके, लेकिन बाहरी क्षेत्रों से आए लोगों को वापस लौटा दिया गया।
तनाव के दौरान कुछ स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि पहले भी बाहरी राज्यों से आने वाले लोग क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर चुके हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोग कॉलोनी में रह रहे परिवारों पर नज़र रखते थे, जिसकी वजह से निवासी असुरक्षित महसूस करते थे। इन्हीं कारणों से महिलाओं ने मस्जिद के बाहर खड़े होकर बाहरी लोगों को नमाज पढ़ने से रोकने का निर्णय लिया।
पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति सामान्य की और लोगों से अफवाहों में न पड़ने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। मस्जिद के बाहर स्थिति देर शाम तक नियंत्रण में रही।
बता दें कि स्थानीय महिलाओं ने बीते रोज गुरुवार को ही प्रशासन को आगाह कर दिया था कि वह संजौली मस्जिद में बाहरी मुस्लिम लोगों को जुमे की नमाज अदा नहीं करने देंगे। जिसको लेकर उन्होंने डीसी शिमला को ज्ञापन भी सौंपा था और मांग की थी कि प्रशासन बाहरी लोगों को संजौली मस्जिद में आने की अनुमति ना दे। महिलाओं ने चेतावनी भी दी थी कि अगर प्रशासन ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो वह खुद बाहरी मुस्लिमों को संजौली मस्जिद के अंदर जाने से रोकेंगी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि संजौली स्थित इस मस्जिद में सप्ताह के बाकी दिनों में कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होती, लेकिन शुक्रवार को अचानक बड़ी संख्या में करीब 700 से 800 लोग नमाज़ पढ़ने पहुंचते हैं। एक स्थानीय महिला ने कहा कि हमने कभी किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठाया, लेकिन जब अदालत मस्जिद को अवैध घोषित कर चुकी है तो वहां गतिविधियां कैसे जारी हैं। प्रशासन को तत्काल इसे रोकना चाहिए।
निवासियों ने बताया कि नगर निगम आयुक्त की अदालत पहले ही इस मस्जिद को अवैध निर्माण घोषित कर चुकी है और जिला अदालत ने भी वक्फ बोर्ड व मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी है। बावजूद इसके मस्जिद में हर शुक्रवार धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि जब कानूनी रूप से मस्जिद का अस्तित्व विवादित है, तो फिर वहां नमाज़ की अनुमति क्यों दी जा रही है।
संजौली मस्जिद लंबे समय से विवाद का केंद्र बनी हुई है। नगर निगम आयुक्त और जिला अदालत दोनों ही इसे अवैध निर्माण घोषित कर चुके हैं। निगम के आदेशों के तहत मस्जिद की ऊपर की दो मंज़िलें पहले ही गिराई जा चुकी हैं। वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी थी, जिसके चलते निचली मंज़िलों को हटाने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए रुकी रही। 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने भी नगर निगम आयुक्त के फैसले को सही ठहराते हुए शेष हिस्से को हटाने के निर्देश दिए थे।