#विविध
February 12, 2026
हिमाचल कैबिनेट: राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी सहित इन विभागों में होगी बंपर भर्ती
सुक्खू सरकार ने कैबिनेट बैठक में राजस्व बढ़ोतरी की दिशा में लिए बड़े फैसले
शेयर करें:

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। आगामी बजट सत्र से पहले हुई इस बैठक को नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में जहां राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी, वहीं टोल टैक्स बैरियर नीति, आबकारी नीति, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों पर भी मुहर लगाई।
कैबिनेट ने विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दे दी। इसमें सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा रखी जाएगी। बजट सत्र को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: 1066 पदों पर भर्ती का बड़ा फैसला, इन महिला कर्मियों को मिलेगा मातृत्व अवकाश
कैबिनेट ने टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 और आबकारी नीति 2026-27 को भी स्वीकृति प्रदान की। सरकार का मानना है कि इन नीतियों से राजस्व में वृद्धि होगी और संसाधनों को विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब राज्य के भीतर और बाहर सरकारी संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्स कर रही विधवाओं की बेटियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। जिन छात्राओं को हॉस्टल सुविधा उपलब्ध नहीं है] उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह किराये के रूप में सहायता दी जाएगी। इसे सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: सुक्खू सरकार ने OPS पर लिया बड़ा फैसला, नौकरियों का भी खोला पिटारा
कैबिनेट ने इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों] गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। बेहतर पूरक पोषण के माध्यम से कुपोषण की समस्या को कम करने पर जोर दिया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने दिव्यांगजनों के लिए विवाह अनुदान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सहायता राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों को 25,000 रुपये की ग्रांट दी जाएगी। इस फैसले को सामाजिक समावेशन की दिशा में अहम माना जा रहा है।
प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 शिक्षकों के पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। इनमें संस्कृत, फिजिकल एजुकेशन, म्यूजिक और ड्राइंग टीचर के 150-150 पद शामिल हैं। इन पदों को राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरा जाएगा। इसके अलावा राज्य के 31 अलग-अलग लड़कों और लड़कियों के स्कूलों को सहशिक्षा स्कूलों में मर्ज करने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 1617.40 करोड़ रुपये के एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक बनाया जाएगा। उद्देश्य यह है कि प्रदेश में ही उच्च स्तरीय और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
कैबिनेट ने शिमला के कमला नेहरू अस्पताल में मातृ एवं शिशु अस्पताल को सुदृढ़ करने, सुंदरनगर और नूरपुर सिविल अस्पताल, ऊना क्षेत्रीय अस्पताल और भोरंज सिविल अस्पताल में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित करने की मंजूरी दी। बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने का भी निर्णय लिया गया।