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February 12, 2026
हिमाचल कैबिनेट: सुक्खू सरकार ने OPS पर लिया बड़ा फैसला, नौकरियों का भी खोला पिटारा
सीएम सुक्खू बोले, प्रदेश में नहीं रूकेंगी नई भर्तीयां
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज गुरुवार को कैबिनेट बैठक बुलाई थी। आज की कैबिनेट बैठक में सुक्खू सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। वहीं हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों के अलावा सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं को बड़ी राहत प्रदान की है। आज की कैबिनेट बैठक में लिए निर्णय की जानकारी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दी है।
आज शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आर्थिक संकट और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने के बावजूद न तो ओल्ड पेंशन स्कीम पर कोई आंच आएगी और न ही नई भर्तियों की प्रक्रिया रुकेगी।
सरकार के इस फैसले से करीब 1.35 लाख कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सुक्खू सरकार का यह फैसला काफी राहत देने वाला है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार ने ओपीएस जारी रखने का निर्णय दोहराया, वहीं विभिन्न विभागों में नई नियुक्तियों को भी हरी झंडी दे दी।
बता दें कि हाल ही में प्रिंसिपल फाइनेंस सेक्रेटरी द्वारा OPS की जगह यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) अपनाने और दो साल से खाली पड़े पदों को समाप्त करने का सुझाव दिए जाने के बाद कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। लेकिन कैबिनेट के फैसले ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया कि प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना जारी रहेगी और कर्मचारियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 1066 पदों को भरने की स्वीकृति दी गई है। हाईकोर्ट में 8 सफाई कर्मचारियों के पद आउटसोर्स आधार पर भरने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा नूरपुर, बद्दी और ऊना में ड्रग टेस्टिंग लैब स्थापित करने को मंजूरी मिली है, जिनके लिए आवश्यक पद भी स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में तीन रेडियोग्राफर पदों को भरने का भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट ने महिला होमगार्ड कर्मियों को 26 सप्ताह की मातृत्व अवकाश देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोहराया कि RDG बंद होने से वित्तीय चुनौतियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन विकास कार्यों की रफ्तार को थमने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य अपने संसाधनों को मजबूत कर आगे बढ़ेगा।
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रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे सचिवालय में आयोजित होगी। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को औपचारिक पत्र भेजकर बैठक में शामिल होने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि 16वें वित्त आयोग और केंद्र सरकार के निर्णय के चलते प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, ऐसे में राज्य हित में सभी दलों को एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए।