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August 17, 2026
हिमाचल में आज भारी से भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में लैंडस्लाइड-बाढ़ का खतरा
वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत, सतर्क रहें लोग
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। मौसम विभाग ने 17 और 18 अगस्त यानी आज और कल को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद 19 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कई दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर पूरी तरह थमने वाला नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होती रह सकती है।
लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क मार्ग प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पहाड़ी रास्तों से गुजरने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मैदानी और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता सामान्य से काफी अधिक हो सकती है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क अवरुद्ध होने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
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18 अगस्त, कल मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों के संवेदनशील इलाकों में तेज बारिश के दौरान नालों और खड्डों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। पहाड़ी ढलानों पर मलबा गिरने और भूस्खलन की घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
17 और 18 अगस्त के बाद मौसम तुरंत साफ होने की उम्मीद नहीं है। 19 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। हालांकि बारिश की तीव्रता और इसका प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकता है। इसके बाद भी सप्ताह के बाकी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
मौसम विभाग ने 16 से 22 अगस्त के बीच निचले और मध्यम पहाड़ी इलाकों में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि मौसम के अचानक बिगड़ने की भी संभावना जताई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ बिजली चमक सकती है। तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने का अनुमान है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले जिलों में भी इस अवधि के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मैदानी तथा निचले पहाड़ी क्षेत्रों में 17 और 18 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसी दौरान कुछ स्थानों पर बारिश भारी से बहुत भारी स्तर तक पहुंच सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली चमकने की स्थिति बनने पर स्थानीय स्तर पर यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खेतों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या भी बढ़ सकती है।
मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भी मौसम विभाग ने 17 और 18 अगस्त को सतर्क रहने का संकेत दिया है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।पहाड़ी सड़कों पर लगातार बारिश के कारण मिट्टी और चट्टानें खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करना बेहतर रहेगा।
प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस दौरान मुख्य रूप से हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। हालांकि मौसम तेजी से बदलने के कारण स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए खुले और असुरक्षित स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में कम समय में होने वाली तेज बारिश का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहता। संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने की स्थिति बन सकती है।
नदियों, खड्डों और बरसाती नालों में पानी का बहाव अचानक बढ़ने की आशंका भी रहती है। इसलिए बारिश के दौरान जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचना जरूरी है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है और कई जगहों पर दृश्यता कम हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को तेज रफ्तार से बचना चाहिए और रास्ते में मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर होगा। विशेषकर भूस्खलन संभावित मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में बहुत बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश बढ़ने के साथ तापमान में यह बदलाव लोगों को मौसम के मिजाज में साफ तौर पर महसूस हो सकता है।