#अपराध
August 16, 2026
हिमाचल जेल में बंद था पंजाबी, मिलने पहुंचे पिता ने थमाई ‘सफेद पुड़िया’; CCTV में पकड़ा गया
मुलाकात के बाद हुई तलाशी में मामला सामने आया
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से ऐसी खबर सामने आई है, जिसने एक पिता को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां जेल में अपने बेटे से मिलने आए पिता के पास से संदिग्ध सामग्री मिली है, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वही, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिता पर भी केस दर्ज कर दिया है।
जिला कारागार बनगढ़ में बंद विचाराधीन कैदी से मिलने पहुंचे उसके पिता पर जेल के भीतर संदिग्ध सामग्री पहुंचाने का आरोप लगा है। मुलाकात खत्म होने के बाद जब बंदी की मेन गेट पर तलाशी ली गई तो उसके पास एक पुड़िया बरामद हुई। पुड़िया में कुछ गोलियां और सफेद पाउडर मिलने के बाद हर कोई हैरान था।
मामले में जेल प्रशासन ने CCTV फुटेज भी खंगाली, जिसमें कथित तौर पर बंदी का पिता उसे संदिग्ध सामग्री देते हुए दिखाई दिया। इसके बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने पिता-पुत्र दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, जिला कारागार बनगढ़ के सहायक अधीक्षक ओंकार सिंह ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत में बताया गया कि 14 अगस्त को करीब 3:45 बजे विचाराधीन बंदी प्रदीप कुमार पुत्र बलवीर निवासी बागली कलां, तहसील समराला, जिला लुधियाना, पंजाब से मिलने उसके पिता बलवीर जेल पहुंचे थे।
दोनों के बीच मुलाकात हुई। मुलाकात समाप्त होने के बाद जेल के मेन गेट पर बंदी प्रदीप कुमार की तलाशी ली गई। इसी दौरान उसके पास एक पुड़िया मिली। जब पुड़िया की जांच की गई तो उसमें कुछ गोलियां और सफेद पाउडर बरामद होने की बात सामने आई। मामला संदिग्ध लगने पर जेल प्रशासन ने तुरंत मुलाकात के दौरान की CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी।
जेल प्रशासन के अनुसार, CCTV फुटेज में कथित तौर पर बलवीर अपने बेटे प्रदीप कुमार को कोई संदिग्ध वस्तु या सामग्री देते हुए दिखाई दिया। फुटेज और बरामद सामग्री के आधार पर जेल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
इसके बाद पुलिस थाना मैहतपुर में प्रदीप कुमार और उसके पिता बलवीर के खिलाफ Prison Act, 1894 की प्रासंगिक धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।
सफेद पाउडर आखिर क्या है? जांच जारी
फिलहाल बरामद सफेद पाउडर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस इसकी प्रकृति की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसमें कौन सा पदार्थ मौजूद है। इसी तरह बरामद गोलियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस मामले में CCTV फुटेज, बरामद सामग्री और जेल प्रशासन से मिली जानकारी को जांच का हिस्सा बना रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बंदी तक पहुंचाई गई सामग्री क्या थी और उसे जेल के अंदर देने के पीछे क्या उद्देश्य था।
जेल प्रशासन की सतर्कता के चलते मुलाकात के बाद हुई तलाशी में मामला सामने आया। अब पुलिस पिता-पुत्र से पूछताछ समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।