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May 17, 2026
हिमाचल निकाय चुनाव: दोपहर एक बजे तक 63% मतदान, बुजुर्गों-युवाओं के जोश ने जीता दिल
कोई लाठियों के सहारे तो कोई व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंचा, सम्मानित भी किए
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों में रविवार को लोकतंत्र का उत्सव पूरे रंग में नजर आया। सुबह सात बजे शुरू हुई वोटिंग में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और दोपहर एक बजे तक प्रदेश में करीब 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।
निकाय चुनावों में सबसे खास बात बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं का उत्साह रहा। कहीं बुजुर्ग मतदाता लाठियों के सहारे पोलिंग बूथ तक पहुंचे, तो कहीं व्हीलचेयर पर बैठकर लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल हुए। कई जगहों पर परिजनों ने बुजुर्गों का हाथ थाम कर उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाया। वहीं युवाओं में भी पहली बार वोट डालने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
प्रदेशभर में महिलाओं ने मतदान में पुरुषों से आगे निकलकर अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई। दोपहर एक बजे तक महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा। कई शहरों और कस्बों में सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। युवतियां और महिलाएं परिवार के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंचीं और लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करती नजर आईं।

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निकाय चुनाव के दौरान कई भावुक और प्रेरणादायक तस्वीरें भी सामने आईं। शिमला जिला के रामपुर में एनसीसी कैडेट्स ने परेड करते हुए दिव्यांग मतदाता को सम्मानपूर्वक मतदान केंद्र तक पहुंचाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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ठियोग में 85 वर्षीय बुजुर्ग दो लाठियों के सहारे मतदान करने पहुंचे, जबकि चिड़गांव में 100 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग महिला ने व्हीलचेयर पर पहुंचकर मतदान किया। सुन्नी और नेरचौक में भी बुजुर्ग मतदाताओं के हौसले ने लोगों को प्रेरित किया। कई मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कुछ स्थानों पर प्रशासन की ओर से बुजुर्ग मतदाताओं को सम्मानित भी किया गया।
लोकतंत्र के इस उत्सव में कई जगह पर बुजुर्ग मतदाताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जा रहा है। मंडी के मॉडल पोलिंग बूथ पर वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं का बकायदा तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया, जिसने वहां मौजूद युवाओं में भी जोश भर दिया। वहीं, निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम बल्ह समृतिका नेगी ने नेरचौक में दोनों वरिष्ठ महिला मतदाताओं के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया।

इसके साथ ही, शिमला के रामपुर बुशहर में बेहद अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां एनसीसी (NCC) के कैडेट्स बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को पूरे सम्मान के साथ मार्च पास्ट (परेड) करते हुए व्हीलचेयर पर बूथ तक लेकर आए।
प्रदेश के कई शहरी निकायों में मतदान प्रतिशत काफी उत्साहजनक रहा। कंडाघाट, शाहपुर, नगरोटा, ज्वालामुखी, करसोग और चिड़गांव जैसे क्षेत्रों में लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। हमीरपुर की भोटा नगर पंचायत और शिमला जिला के जुब्बल क्षेत्र में मतदान प्रतिशत सबसे अधिक रहा। पोलिंग बूथों पर युवाओं की भी लंबी कतारें देखने को मिलीं। पहली बार वोट डालने पहुंचे युवाओं ने कहा कि वे अपने शहर के विकास और बेहतर सुविधाओं के लिए मतदान कर रहे हैं।

शुरुआती दो घंटों में वोटिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी रही और सुबह 9 बजे तक सिर्फ 15 से 16 फीसदी वोट पड़े थे, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, वोटरों का उत्साह बढ़ता गया। दोपहर एक बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
शिमला जिला के जुब्बल में सबसे ज्यादा 80% और हमीरपुर की भोटा नगर पंचायत में 73.58% रिकॉर्ड मतदान हुआ।
शिमला के ही कंडाघाट में 69.38%, सुजानपुर में 68.21% और चिड़गांव में 68% मतदान दर्ज किया गया।
इसके अलावा शाहपुर में 64.45%, नगरोटा में 64.4%, ज्वालामुखी में 63.76%, करसोग में 62.99%, अर्की में 62.63%, देहरा में 61.99%, परवाणू में 59.41% और नालागढ़ में 59.65% लोगों ने वोट डाला।
धर्मशाला नगर निगम में दोपहर एक बजे तक 45.02 प्रतिशत वोटिंग रिकॉर्ड की गई।
जिलों की बात करें तो ऊना में 65.62%, मंडी में 52.46%, चंबा में 49.52% और सोलन में 49.20% मतदान हुआ।
तेज धूप और गर्म मौसम के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सुबह के शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ पोलिंग बूथों पर भीड़ बढ़ती गई। दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स ने उनकी मदद की।
नगर परिषद नेरचौक के वार्ड नंबर-9 डडौर में मतदान के दौरान लोकतंत्र की भावना को जीवंत करती प्रेरणादायक तस्वीरें देखने को मिलीं। 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला बनो देवी ने पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनके इस जज्बे को देखते हुए निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम बल्ह समृतिका नेगी ने उन्हें विशेष सम्मान दिया। वहीं 96 वर्षीय गायत्री देवी ने भी उम्र को मात देते हुए पोलिंग बूथ पहुंचकर वोट डाला और लोगों को लोकतंत्र में भागीदारी का संदेश दिया। दोनों वरिष्ठ महिलाओं के उत्साह से प्रभावित होकर प्रशासन की ओर से उन्हें गिफ्ट हैंपर भेंट किए गए। इस दौरान एसडीएम समृतिका नेगी ने क्षेत्र की महिलाओं से बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लेने की अपील भी की।

प्रदेश के 4 नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों में मतदान जारी है। करीब साढ़े तीन लाख से अधिक मतदाता 439 पार्षदों के भाग्य का फैसला करेंगे। नगर परिषद और नगर पंचायतों की मतगणना मतदान खत्म होने के बाद शुरू होगी, जबकि नगर निगम चुनावों के नतीजों के लिए कुछ दिन इंतजार करना होगा। मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
प्रदेशभर में निकाय चुनाव केवल मतदान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि यह लोकतंत्र के उत्सव के रूप में दिखाई दिए। कहीं बुजुर्गों का सम्मान हुआ, कहीं युवाओं ने सेल्फी लेकर मतदान का संदेश दिया और कहीं एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन के साथ मतदाताओं की मदद कर लोगों का दिल जीत लिया। हिमाचल में निकाय चुनावों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी में ही छिपी है।