#अपराध
January 22, 2026
रूस आर्मी उठा ले गई हिमाचल के 2 युवक! अब रिहाई के बदले मांगी मोटी रकम- परिजन परेशान
बेटों के सही-सलामत लौटने की कामना कर रहे बुजुर्ग माता-पिता
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद चिंताजनक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद में विदेश गए जिले के दो युवक आज अपने परिवारों के लिए चिंता और भय का कारण बन गए हैं।
ऊना जिले के जोल क्षेत्र के रहने वाले ये दोनों युवक ट्रैवल एजेंटों के भरोसे रूस तो पहुंच गए, लेकिन अब वहां से उनके लापता होने और सेना की हिरासत में होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस अनिश्चितता ने दोनों परिवारों को मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया है।
परिजनों के अनुसार, दोनों युवकों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में स्थित दो ट्रैवल एजेंटों से संपर्क किया था। एजेंटों ने रूस में वर्क वीजा और अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इस भरोसे के बदले प्रत्येक युवक से चार-चार लाख रुपये लिए गए। एजेंटों ने तमाम औपचारिकताएं पूरी करने का दावा करते हुए 20 सितंबर 2025 को दोनों युवकों को रूस भेज दिया।
रूस पहुंचने के बाद शुरुआती कुछ महीनों तक युवकों की परिजनों से नियमित बातचीत होती रही। वे काम और रहन-सहन को लेकर सामान्य जानकारी देते रहे, जिससे परिवारों को राहत थी। लेकिन अचानक एक दिन दोनों के फोन बंद हो गए।
लगातार कॉल करने के बावजूद कोई संपर्क नहीं हो पाया। यह स्थिति परिजनों के लिए बेहद डरावनी बन गई। फिर कुछ दिनों बाद परिजनों को एक अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आई।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि दोनों युवक सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें सेना ने पकड़ लिया और अब वे हिरासत में हैं। इस कॉल ने परिजनों की चिंता को और गहरा कर दिया।
कॉलर ने युवकों को छुड़वाने के बदले लाखों रुपये की मांग की। अपने बेटों की जान को लेकर डरे-सहमे परिजनों ने बिना देरी किए बताए गए खाते में 40 हजार रुपये की पहली किस्त भेज दी। लेकिन पैसे भेजने के बावजूद न तो युवकों से बात करवाई गई और न ही उनकी रिहाई को लेकर कोई ठोस जानकारी दी गई।
इसके बाद जब लगातार और अधिक रकम की मांग होने लगी और युवकों का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने पैसे भेजना बंद कर दिया। इस पूरी घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घरों में दोनों युवकों की माएं रो-रोकर बेहाल हैं और बुजुर्ग माता-पिता अपने बेटों की सलामती के लिए दिन-रात दुआएं कर रहे हैं। परिजनों को अब आशंका है कि उनके साथ बड़ी ठगी हुई है और युवकों की जान भी खतरे में हो सकती है।
हताश और परेशान परिवारों ने अब जिला प्रशासन, स्थानीय सांसद और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने युवकों के पासपोर्ट नंबर, यात्रा से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारियां संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। परिवारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।