#अपराध
October 7, 2025
हिमाचल: सेब कारोबारी से 3.81 करोड़ की ठगी, पैसे देने से पहले ही गायब हो गया बेंगलुरु का व्यापारी
7.22 करोड़ का खरीदा था सेब, 3.40 करोड़ का किया भुगतान फिर हुआ गायब
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन अपने चरम पर है। हर साल सेब सीजन में बागवानों और व्यापारियों से ठगी के मामले सामने आते रहते हैं। अब एक ऐसा ही ठगी का बड़ा मामला हिमाचल की राजधानी शिमला से सामने आया है। जिसने सेब बागवानों को सकते में डाल दिया है। बाहरी राज्य के एक व्यापारी ने स्थानीय कारोबारी से 3ण्81 करोड़ की ठगी कर दी है। आधी पेमेंट करने के बाद बाहरी राज्य का यह व्यापारी अचानक गायब हो गया है।
मामला शिमला जिला के ठियोग से सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिमला जिले के ठियोग उपमंडल के शिलारू फल मंडी में एक बाहरी राज्य के व्यापारी ने स्थानीय सेब कारोबारी को 3.81 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। पीड़ित ने अब इस मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार एपीएमसी फल मंडी शिलारू में सेब का थोक व्यापार करने वाले बलवीर कटोच निवासी ठियोग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह इस सीजन में 20 जुलाई से व्यापार कर रहा था। इसी दौरान उसने और अन्य चार व्यापारियों ने मिलकर 42,264 सेब के कार्टन बेंगलुरु निवासी व्यापारी मोहम्मद नाज़िम पुत्र मोहम्मद यूसुफ आरटी नगर बेंगलुरु नॉर्थ को बेचे। बलवीर कटोच ने बताया कि बेंगलुरु के सेब कारोबारी को बेचे सेब की कुल कीमत 7.22 करोड़ रुपये के करीब थी। इसमें से आरोपी ने केवल 3.40 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि शेष 3.81 करोड़ रुपये का बकाया अब तक नहीं दिया गया।
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शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी व्यापारी 30 सितंबर को अचानक मंडी से गायब हो गया और तब से उसका कोई अता-पता नहीं चल पाया है। व्यापारियों ने जब भुगतान की मांग की तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला और कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया। जिससे आशंका जताई जा रही है कि कारोबारी पैसे ना देने के इरादे से अब मंडी से बिना किसी को कुछ बताए गायब हो गया है। जिस पर ठियोग के स्थानीय कारोबारियों ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी।
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एएसपी शिमला नवदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगामी जांच शुरू कर दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले कई व्यापारी बागवानों और स्थानीय आढ़तियों से करोड़ों रुपये का माल खरीदकर भाग जाते हैं। ऐसे मामलों में अधिकांश व्यापारी नकली पहचान, अस्थायी पते और फर्जी कंपनियों के नाम से लेनदेन करते हैं। राज्य के कई मंडियों जैसे पराला, शिलारू, ठियोग, रोहड़ू और कुम्हारहट्टी में हर साल इस तरह की घटनाएं दर्ज होती हैं। हालांकि पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन अधिकतर मामलों में आरोपी दूसरे राज्यों से होने के कारण जांच लंबी खिंच जाती है और पीड़ित व्यापारी अपना पैसा वापस नहीं पा पाते।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ठगी की घटनाओं से सेब कारोबार में भरोसे का संकट पैदा हो गया है। कई व्यापारी अब बिना एडवांस भुगतान के माल बेचने से कतरा रहे हैं, जिससे बाजार में लेनदेन की गति प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने सरकार और एपीएमसी प्रशासन से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों की पहचान और वित्तीय साख की पहले से जांच की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बागवानों और सेब कारोबारियों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यापारी को माल बेचने से पहले उसकी पहचान, व्यवसायिक पंजीकरण और भुगतान क्षमता की जांच अवश्य करें। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस प्रकार के धोखाधड़ी मामलों पर लगाम लगाने के लिए मंडी स्तर पर एक विशेष निगरानी प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है।