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August 20, 2025

हिमाचल: फर्जी बिल से करोड़ों का घोटाला, ECHS मंडी पर सवालिया निशान- निजी हॉस्पिटल ब्लैकलिस्ट

अस्पताल में फर्जी दाखिले

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ECHS Mandi

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में करोड़ों का घोटाला सामने आया है। खुलासा होने के बाद ECHS मंडी (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) सवालों के घेरे में है। इस मामले में नेरचौक का मल्होत्रा अस्पताल भी चर्चा में आ गया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।

एक ही अस्पताल में मरीज रेफर 

घोटाले का खुलासा तब हुआ जब सेना ने जांच की। पता चला कि 8 महीनों से ECHS मंडी से 648 मरीजों को रेफर किया गया। इनमें से ज्यादातर को नेरचौक के मल्होत्रा अस्पताल भेजा गया जबकि मंडी शहर के तीन और अस्पताल इस योजना के अंदर आते थे।

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3.5 करोड़ का हो चुका है भुगतान 

मल्होत्रा अस्पताल ने 648 मरीजों की एवज में करीब 7 करोड़ रुपयों का बिल दिया है। इसमें से 3.5 करोड़ का भुगतान भी हो चुका है। जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि मल्होत्रा अस्पताल में मरीजों के फर्जी दाखिले दिखाए गए हैं।

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ECHS के नाम किए मनमाने बिल

मल्होत्रा अस्पताल की ओर से कई मरीजों के नाम पर 70-80 हजार रुपयों की महंगी दवाएं लिखी गई। अस्पताल ने कार्ड लेकर मनमाने बिल बनाए और उन्हें ECHS के नाम पेश किया।

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दूसरे अस्पतालों में संख्या सीमित

मल्होत्रा अस्तपाल 16 दिसंबर 2022 में ECHS के साथ जुड़ा था। कुछ ही दिनों बाद 2 जनवरी 2023 से मरीजों को रेफर करना शुरू किया गया। 8 महीनों में 648 मरीजों को यहां भेजा गया जबकि दूसरे नामांकित अस्पतालों में ये संख्या सीमित रही। 

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पहले 1 मामला, फिर बढ़ीं शिकायतें

जब सेना ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो पता चला कि कागजों में भर्ती मरीज असल में भर्ती ही नहीं था। एक मामला सामने आने के बाद शिकायतें लेकर कई पूर्व सैनिक व आश्रित ECHS प्रबंधन के पास पहुंचने लगे तो शिकायतें बढ़ीं और अनियमितताएं सामने आई।

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शायद CBI को मिलेगी जिम्मेदारी

गड़बड़ी मिलने के बाद अस्पताल ब्लैक लिस्ट हो गया है। पहले मामले की जांच विजिलेंस के पास थी लेकिन केंद्र सरकार के फंड का मामला बताकर जांच बंद कर दी गई। अब संभावना है कि ये मामला CBI को सौंपा जाएगा।

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