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August 20, 2025
हिमाचल के BPL परिवारों को लेकर बड़ा फैसला, 50 हजार से कम है वार्षिक आय तो ही मिलेगा फायदा
BPL परिवारों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण चलाया जा रहा है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे BPL परिवारों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में BPL सूची का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों ने केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की है, वे भी अब BPL सूची में शामिल किए जाएंगे, बशर्ते उनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से कम हो।
CM सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में इस समय BPL परिवारों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण चलाया जा रहा है। इस सर्वेक्षण के दौरान उन परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें कैंसर पीड़ित, दिव्यांगजन और अनाथ बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी वास्तविक गरीब परिवार सूची से बाहर न रहे।
इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने जानकारी दी कि BPL सूची में कई नई श्रेणियां जोड़ी जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यदि किसी विधायक के पास BPL सूची को लेकर कोई सुझाव है तो वे अगले दो दिनों के भीतर सरकार को प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे सूची को और निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
इस फैसले से हिमाचल प्रदेश में हजारों नए परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल होने का मौका मिलेगा। इसके बाद वे राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, छात्रवृत्ति, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के पात्र बन जाएंगे। विशेषकर गरीब विधवाओं, अनाथ बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
हालांकि, इस विषय पर विपक्षी दलों ने भी सरकार से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बीपीएल सूची में वास्तविक जरूरतमंदों को शामिल किया जाए और राजनीतिक दबाव या सिफारिश के आधार पर किसी को न जोड़ा जाए।