#अपराध

August 20, 2025

हिमाचल में स्कूली बच्चों की करतूत- छुट्टी के लिए बनाया फर्जी नोटिस और इंटरनेट पर कर दिया वायरल

पुलिस के पास पहुंचा मामला, बच्चों का हुआ भंडाफोड़

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Paonta Sahib School Holidays Fake Order

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जिलों में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इसी बीच सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में सोशल मीडिया पर एक फर्जी आदेश वायरल होने से हड़कंप मच गया।

फर्जी आदेश हुआ वायरल

इस आदेश में दावा किया गया था कि 19 अगस्त को भारी बारिश के चलते पांवटा साहिब उपमंडल के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। आदेश पर जिलाधीश सिरमौर के हस्ताक्षर होने का उल्लेख था, लेकिन जांच में यह आदेश पूरी तरह फर्जी निकला।

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कैसे हुआ भंडाफोड़?

इस बात का खुलासा तब हुआ जब आदेश में देखा गया कि ये आदेश DC पावंटा साहिब द्वारा जारी किया गया है। जबकि, पावंटा साहिब में कोई DC है ही नहीं। दरअसल, सिरमौर जिले का DC मुख्यालय नाहन में है। इसके अलावा आदेश पर किए गए हस्ताक्षर भी संदिग्ध पाए गए, जिससे इसकी सच्चाई तुरंत सवालों के घेरे में आ गई।

बच्चों ने ही बनाई थी साजिश

SDM पांवटा साहिब गुर्जीत सिंह चीमा ने बताया कि कुछ स्थानीय बच्चों ने उन्हें स्वयं फोन कर छुट्टी की मांग की और साथ ही फर्जी आदेश की प्रति भी भेजी। शुरुआत में जब अधिकारी को शक हुआ तो आदेश की जांच करवाई गई। स्क्रूटनी में यह फर्जीवाड़ा सामने आ गया कि आदेश बच्चों ने ही तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल किया था।

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छुट्टी के लिए बच्चों ने की शैतानी

SDM ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। हालांकि, इस मामले में नाबालिग बच्चे शामिल थे, इसलिए किसी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं की गई। बच्चों को कड़ी फटकार लगाई गई और भविष्य में ऐसी हरकत न करने की चेतावनी दी गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आदेश

अधिकारियों ने माना कि बच्चों की यह हरकत शरारत भरी थी, लेकिन इससे अफवाह फैल सकती थी और लोगों में भ्रम की स्थिति बन सकती थी। उन्होंने ने अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फर्जी आदेशों पर भरोसा न करें।

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दोबारा ना हो ऐसी गलती

केवल प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेशों को ही मान्य माना जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सीख दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की गलतियां दोबारा न हों।

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