#अपराध
June 27, 2025
हिमाचल: 20 साल की कॉलेज छात्रा स्वर्ग सिधारी, पिता की लाडली थी बेटी; गम में डूबे परिजन
बेटी के बिना सूना हुआ आंगन, दवा समझ खा गई कीटनाशक
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में एक कॉलेज की छात्रा की मौत से उसके परिवार को गहरा सदमा लगा है। छात्रा ने गलती से कीटनाशक दवा खा ली थी, जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी अस्पताल में मौत हो गई। छात्रा की मौत से जहां उसके माता पिता गहरे शोक में डूब गए हैं। वहीं पूरे गांव में मातम पसर गया है। मृतक युवती अपने माता पिता की इकलौती संतान बताई जा रही है।
यह घटना देहरा उपमंडल के तहत आते परागपुर के गढ़ मसोट गांव की है। मृतक 20 वर्षीय युवती ढलियारा कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। इस छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। अब तक की जांच में पता चला है कि युवती को तेज सिरदर्द हो रहा था। जिसके चलते उसने सिरदर्द की गोली समझ कर अनाज में डालने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया।
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इस कीटनाशक को खाने से युवती की तबीयत बिगड़ती चली गई और उसकी तेज उल्टियां होने लगी। बेटी की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवती की मौत हो गई। युवती की इस तरह से अचानक हुई मौत से परिवार सहित पूरा गांव स्तब्ध रह गया है।
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घटना गुरुवार की है। छात्रा को सुबह से सिरदर्द की शिकायत थी। परिवारवालों के अनुसार उसने घर में रखी एक दवा को सिरदर्द की गोली समझकर निगल लिया। बाद में पता चला कि वह दवा अनाज विशेषकर गेहूं में कीट लगने से बचाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक जहरीली दवा थी। दवा का सेवन करते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसे तेज़ उल्टियां होने लगीं।
परिजन तुरंत छात्रा को नजदीकी गरली अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मगर दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही छात्रा की हालत गंभीर हो गई और परिजन उसे देहरा सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। एसपी देहरा मयंक चौधरी ने पुष्टि की कि छात्रा को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और मौत का कारण जहरीली दवा का सेवन था। परिजनों ने किसी भी तरह की साजिश या सुसाइड की आशंका को नकारते हुए इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया है।
मौत की खबर से गढ़ मसोट गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। छात्रा अपने माता.पिता की इकलौती संतान बताई जा रही है, जिससे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। शव को देहरा के शवगृह में रखा गया है और पोस्टमॉर्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि घर में रखी कीटनाशक या जहरीली दवाओं को बच्चों और अनजान सदस्यों की पहुंच से दूर सुरक्षित स्थान पर रखा जाएए साथ ही उन पर स्पष्ट लेबल भी लगे हों। इस तरह की लापरवाही अनजाने में जानलेवा साबित हो सकती है।