#अपराध
January 8, 2026
हिमाचल: नया साल शुरू होते ही पकड़ा 100 ग्राम चिट्टा, पंजाब के मुख्य सप्लायर सहित 5 अरेस्ट
गली मोहल्ले तक फैला नशा, बाहरी तस्करों की हिमाचल में बेखौफ एंट्री
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सोलन। हिमाचल प्रदेश में नशा अब सिर्फ अपराध नहीं] बल्कि एक संगठित कारोबार बन चुका है। हालात ऐसे हो गए हैं कि गांव, गली और मोहल्लों तक नशा तस्कर सक्रिय नजर आने लगे हैं। बाहरी राज्यों से आए तस्कर हिमाचल को सुरक्षित ठिकाना मानकर बेखौफ नशे की सप्लाई कर रहे हैं। नए साल की शुरुआत में ही सोलन पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने इस खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है, जहां साल 2026 की अब तक की सबसे बड़ी चिट्टा खेप पकड़ी गई है।
सोलन जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कुल 100 ग्राम से अधिक चिट्टा (हेरोइन) बरामद की है। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है] जिनमें पंजाब से संचालित पूरे नेटवर्क का मुख्य सप्लायर भी शामिल है। यह कार्रवाई हिमाचल में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे अहम सफलताओं में गिनी जा रही है।
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पुलिस की जांच 4 जनवरी को सोलन के सलोगड़ा मेला ग्राउंड से शुरू हुई] जहां दो युवकों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 6 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को यह साफ हो गया कि मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं है] बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 5 और 6 जनवरी की मध्यरात्रि को दो और तस्करों को दबोच लिया। इनके पास से भी 7.23 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। लगातार पूछताछ, कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आखिरकार इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार तक पहुंच गई।
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पुलिस ने पंजाब के जीरकपुर से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में 87 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। जांच में सामने आया है कि यह आरोपी लंबे समय से हिमाचल के विभिन्न जिलों में नशे की सप्लाई कर रहा था। यह नेटवर्क सिर्फ हिमाचल तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई थीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल में नशे का जाल इस कदर फैल चुका है कि अब छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी तस्कर सक्रिय मिल रहे हैं। बाहरी राज्यों से आए लोग स्थानीय युवाओं को जाल में फंसाकर नशे की सप्लाई चेन का हिस्सा बना रहे हैं, जिससे समाज के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
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सोलन पुलिस के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में नशा तस्करी के सैकड़ों मामलों में बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बड़ी तादाद बाहरी राज्यों से आए तस्करों की रही है। कई बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा चुका है, जिससे हजारों युवाओं तक नशे की पहुंच रोकी जा सकी है।
नशा तस्करों द्वारा बनाई गई अवैध संपत्तियों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा है। करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें होटल, जमीन, वाहन और बैंक जमा शामिल हैं। आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया है।
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सोलन पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नेटवर्क, संपत्ति और सप्लाई चेन—तीनों पर एक साथ वार किया जा रहा है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि हिमाचल को नशे की मंडी बनने नहीं दिया जाएगा।