#अपराध
February 12, 2026
हिमाचल के दो युवकों से मिली 15 किलो चरस : डील करने जा रहे थे मुंबई, पुलिस ने रास्ते में ही दबोचा
ट्रॉली बैग में कपड़ों के नीचे छिपाई थी युवकों ने चरस
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ समय से नशा तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रदेश की शांत वादियों को नशे के जाल में फंसाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। बाहरी राज्यों के तस्करों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी कुछ लोग इस अवैध कारोबार में सक्रिय पाए जा रहे हैं।
पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर नेटवर्क फैलाने की कोशिश में लगे हैं। इसी कड़ी में पंचकूला-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर GRP की बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
चंडीगढ़ GRP थाना पुलिस ने पंचकूला-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान दो युवकों को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को आज अदालत में पेश किया जाएगा।
GRP थाना SHO उर्मिला देवी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 11 फरवरी की रात दो युवक ट्रेन के माध्यम से मुंबई चरस लेकर जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही टीम को अलर्ट किया गया और रेलवे स्टेशन पर विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया।
रात करीब 11 बजे GRP टीम स्टेशन परिसर में संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो युवक ट्रॉली बैग लेकर प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ते दिखाई दिए। शक होने पर पुलिस ने उन्हें रोका और तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रॉली बैग में कपड़ों के नीचे प्लास्टिक थैली में छिपाकर रखी गई चरस बरामद हुई। दोनों को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों ने अपनी पहचान हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के भुंतर कस्बे के निवासी राहुल और रमजान के रूप में बताई।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कुल्लू से चरस लेकर आए थे। कुल्लू से पंचकूला तक वे बस के जरिए पहुंचे और आगे का सफर ट्रेन से मुंबई तक करने की योजना थी। पुलिस ने जब बरामद चरस का वजन किया तो वह 15 किलो 10 ग्राम निकली- जो कि व्यावसायिक (कमर्शियल) मात्रा की श्रेणी में आती है।
इतनी बड़ी मात्रा में चरस की बरामदगी से संकेत मिलते हैं कि यह कोई साधारण तस्करी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 50 लाख के करीब बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि हिमाचल में तैयार की जाने वाली चरस को बड़े शहरों तक पहुंचाने के लिए संगठित गिरोह सक्रिय हैं। खासकर मुंबई जैसे महानगरों में इसकी मांग अधिक होने के कारण तस्कर रेल मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कई मामलों में बाहरी राज्यों के लोग भी इस नेटवर्क में शामिल पाए गए हैं, जो यहां आकर माल की खरीद-फरोख्त करते हैं। प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार ऐसी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
GRP थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कार्रवाई तय होगी। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि नशा तस्करी के इस जाल को जड़ से खत्म किया जा सके।
विदित रहे कि, हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में बढ़ती नशा तस्करी न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए भी खतरा बनती जा रही है। समाज, प्रशासन और परिवारों को मिलकर इस खतरे से लड़ने की जरूरत है, ताकि देवभूमि को नशे के दलदल से बचाया जा सके।