शिमला। आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। आज के दिन श्रद्धा और आस्था के साथ मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है।माता दुर्गा का यह तपस्वी स्वरूप त्याग, ज्ञान और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मन को शांति व शक्ति मिलती है। आइए जानते हैं इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की सही विधि और महत्व।
भगवान शिव के लिए की थी कठोर तपस्या
माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, इसलिए उनका यह रूप त्याग, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि अगर इंसान सच्चे मन से मेहनत और साधना करे, तो वह हर मुश्किल को पार कर सकता है।
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कैसा है माता रानी का स्वरूप
अगर हम उनके स्वरूप की बात करें तो मां ब्रह्मचारिणी बहुत ही सरल और शांत रूप में दिखाई देती हैं। वे नंगे पैर चलती हैं, उनके दाहिने हाथ में जप माला होती है और बाएं हाथ में कमंडल। यह माला उनकी भक्ति और साधना को दर्शाती है, जबकि कमंडल उनके तप और त्याग का प्रतीक है। माता सफेद वस्त्र धारण करती हैं, जो उनकी पवित्रता और सादगी को दिखाता है। उनका चेहरा शांत और आशीर्वाद देने वाला होता है, जिससे भक्तों को सुकून और विश्वास मिलता है।
माता की पूजा करने पर मिलता है यह फल
ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन मां की सच्चे मन से पूजा करते हैं, उन्हें मानसिक शांति, सोच में स्पष्टता और जीवन की परेशानियों से लड़ने की ताकत मिलती है। खासकर जो लोग तनाव या उलझनों में रहते हैं, उनके लिए यह दिन बहुत खास माना जाता है।
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क्या है पूजा की विधि
- सुबह नहाकर पूजा स्थान साफ करें।
- कलश के आसपास भी सफाई रखें और दीपक में घी डालकर उसे जलता रखें।
- मां ब्रह्मचारिणी की फोटो या मूर्ति रखकर पूजा शुरू करें।
- इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
- पूजा के समय व्रत कथा जरूर पढ़ें।
- अंत में लौंग और कपूर से आरती करें।
- भोग में मखाने की खीर, सफेद मिठाई या बताशे चढ़ाएं।
मां ब्रह्मचारिणी की कृपा के लिए इन मंत्रों का करें जाप
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। इन मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
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हर मुश्किल का सामना करने की मिलती है शक्ति
अंत में यही कहा जाता है कि अगर आप पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं, तो आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, आपको हर मुश्किल का सामना करने की शक्ति भी मिलती है।
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