शिमला। कल सावन का चौथा सोमवार है। यह दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत के लिए बेहद खास माना जाता है। इस बार का सोमवार सामान्य नहीं है, बल्कि ज्योतिष के अनुसार करीब 90 साल बाद ऐसा खास ग्रह-नक्षत्र संयोग बन रहा है। सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा। वहीं गुरु और चंद्रमा का शुभ प्रभाव भी रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
कल व्रत रखने से मिलेगा विशेष फल
सावन का आखिरी सोमवार व्रत और पूजा के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है। खासकर अविवाहित लड़कियां अच्छे और योग्य जीवनसाथी की कामना के लिए आज व्रत रख सकती हैं।
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मनचाहा वर पाने के लिए करें ये उपाय
अच्छे और योग्य जीवनसाथी की कामना रखने वाली लड़कियां शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती के सामने घी के 9 दीपक जलाएं। इसके बाद 'ॐ शं शंकराय नमः' मंत्र की एक माला का जाप करें। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ यह उपाय करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
शनि दोष से मुक्ति के लिए करें ये काम
अगर कुंडली में ग्रह दोष या शनि से जुड़ी परेशानी है तो शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से शनि दोष और जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।
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ऐसे करें सावन के सोमवार की पूजा
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ सफेद या पीले कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान शिव के सामने व्रत रखने का संकल्प लें। तांबे के लोटे में गंगाजल, साफ पानी और थोड़ा कच्चा दूध मिलाएं। 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल अर्पित करें।
शिवलिंग पर ये चीजें जरूर चढ़ाएं
जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर चंदन, अक्षत, शमी के पत्ते, धतूरा, भांग और सफेद फूल चढ़ाएं। भगवान शिव को बेलपत्र भी अर्पित करें। योग्य वर की कामना रखने वाली लड़कियां 108 बेलपत्र चढ़ा सकती हैं। वहीं माता पार्वती को लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
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शिव चालीसा और रुद्राष्टकम का करें पाठ
पूजा के आखिर में शिव चालीसा और रुद्राष्टकम का पाठ करें। इसके बाद कपूर जलाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। मान्यता है कि सावन के सोमवार को पूरे मन और श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा करने से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।
