मंडी। हिमाचल प्रदेश में चुनावी माहौल के चलते कांग्रेस व भाजपा पार्टियों के दिग्गज नेता अपना प्रभाव जताने के लिए तैयार हो गए हैं। इस बीच नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग कर अपने लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
चुनाव आयोग से भी शिकायत कर सकती भाजपा
दरअसल, पूर्व सीएम जयराम ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि इन सभी गतिविधियों का समय आने पर हिसाब लिया जाएगा और भाजपा इसे लेकर चुनाव आयोग से भी शिकायत कर सकती है।
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मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम में जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष पर्दे के पीछे से अपने समर्थकों को फायदा पहुंचाने और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने में लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी बोर्ड और निगमों से जुड़े पदाधिकारी सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर चुनावी गतिविधियों में सक्रिय हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
युवाओं को रोजगार के नाम पर लुभाया जा रहा
पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। जयराम ठाकुर ने यह भी दावा किया कि आउटसोर्स एजेंसियों के जरिए युवाओं को रोजगार के नाम पर लुभाया जा रहा है, ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके।
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उनके अनुसार, ऐसी कई एजेंसियां सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों द्वारा संचालित हैं और यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग जारी रहा, तो भाजपा इस मुद्दे को चुनाव आयोग और जनता के सामने मजबूती से उठाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष होने चाहिए, न कि धनबल या प्रभाव के आधार पर प्रभावित। उन्होंने दावा किया कि जनता अब जागरूक है और किसी भी तरह के प्रलोभन या दबाव में आने वाली नहीं है।
