शिमला। हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की राजनीतिक विरासत को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सराहन में उनकी प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल नहीं हुए, तो इसको लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे। अब लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी को कांग्रेस के भीतर चल रही कथित खींचतान से जोड़ने पर सवाल उठाए हैं।

आयोजन को लेकर ये बोले विक्रमादित्य

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सराहन में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य उनके योगदान को सम्मान देना था। वीरभद्र सिंह का प्रदेश की राजनीति और विकास में लंबा योगदान रहा है। ऐसे में उनकी जन्मस्थली पर उनकी स्मृति में प्रतिमा का अनावरण स्थानीय लोगों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है।

 

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मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि, यह आयोजन जिला स्तर पर किया गया था और इसके लिए लोगों को आमंत्रित किया गया था। हर आमंत्रित व्यक्ति का कार्यक्रम में पहुंचना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने इसी आधार पर मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर निकाले जा रहे राजनीतिक निष्कर्षों को अनुचित बताया।

नेताओं की अपनी व्यस्तताएं होती हैं

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल न होने के बाद भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों पर भी विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के समारोह को पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का संकेत बताना सही नहीं है।

 

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उनका तर्क था कि नेताओं की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां और व्यस्तताएं होती हैं। किसी कार्यक्रम में शामिल न हो पाने के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए बिना ठोस आधार के इसे गुटबाजी से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों से ऐसे आयोजनों को आरोप-प्रत्यारोप का विषय बनाने से बचने की अपील भी की।

रिज मैदान पर दी गई थी श्रद्धांजलि

विक्रमादित्य सिंह ने शिमला के रिज मैदान पर वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उस आयोजन में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।

 

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उन्होंने इस उदाहरण के जरिए कहा कि वीरभद्र सिंह के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाले कार्यक्रमों का महत्व राजनीति से ऊपर होना चाहिए। ऐसे अवसरों पर ध्यान इस बात पर रहना चाहिए कि प्रदेश के लिए योगदान देने वाले नेताओं को किस तरह याद किया जाए, न कि कौन नेता कार्यक्रम में पहुंचा और कौन नहीं।

विरासत को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी

वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे। उनके परिवार और कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व से जुड़े मुद्दे भी अक्सर राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनते हैं। सराहन में प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को लेकर उठा विवाद भी इसी व्यापक राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया है।

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