शिमला हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया। 18 अगस्त से शुरू हुआ यह सत्र आगामी 2 सितंबर तक चलेगा। आज गुरुवार को सदन की कार्यवाही की शुरुआत होते ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, लेकिन माहौल काफी हंगामेदार रहा। विपक्षी दल के सदस्य लगातार सरकार के जवाबों से असंतुष्ट दिखे और जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी नाराज़गी जताने लगे।

विपक्ष ने किया कार्यवाही का बहिष्कार

नारेबाजी के बीच विपक्षी विधायक सदन की वेल तक आ गए और सरकार पर सवाल खड़े किए। हंगामा बढ़ने के बाद विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन से बाहर निकल गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही वे वापस लौट आए और प्रश्नकाल पुनः जारी रहा।

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कठोर नियम से कठिनाइयां बढ़ सकती हैं

इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि हिमाचल में होम स्टे चलाने के लिए जरूरी अग्निशमन विभाग की NOC को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।

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उन्होंने माना कि राज्य में कई हेरिटेज प्रॉपर्टीज और पुरानी इमारतें हैं, जहां स्टे चलाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में कठोर नियम लागू करने से कठिनाइयां बढ़ सकती हैं, इसलिए सरकार सभी पहलुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

सरकार का प्रयास

सीएम सुक्खू ने यह भी बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अगले एक साल के भीतर बड़ी संख्या में MO (मेडिकल ऑफिसर) और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार भी मिले और जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं भी बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा सकें

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