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January 26, 2026

हिमाचल के मेजर अंशुल को शौर्य चक्र : सरहद पर दुश्मनों को दिया करारा जवाब, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

हिमाचल के मेजर अंशुल बाल्टू को शौर्य चक्र, आज राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

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शिमला। जब भी देश के वीर सपूतों की बात होती है, हिमाचल प्रदेश का नाम अपने आप गर्व के साथ जुड़ जाता है। पहाड़ों की गोद में पले-बढ़े युवा जब वर्दी पहनते हैं, तो उनके कंधों पर सिर्फ रैंक नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की उम्मीदें होती हैं। इस बार गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर ऐसा ही एक गौरवपूर्ण पल हिमाचल के हिस्से आया है। शिमला जिले के जुब्बल से ताल्लुक रखने वाले मेजर अंशुल बाल्टू को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी वीरता पुरस्कारों की मंजूरी

रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित करने की मंजूरी दी। इस सूची में छह मरणोपरांत सम्मान भी शामिल हैं। इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में सेना मेडल (वीरता), नौसेना मेडल और वायुसेना मेडल भी दिए गए हैं। इसी सूची में हिमाचल के मेजर अंशुल बाल्टू का नाम शामिल होना प्रदेश के लिए खास मायने रखता है।

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घून्सा गांव से शौर्य चक्र तक का सफर

जुब्बल के शुराचली क्षेत्र का छोटा सा गांव घूंन्सा, जहां से निकलकर मेजर अंशुल बाल्टू ने भारतीय सेना में अपनी पहचान बनाई। सीमित संसाधनों, पहाड़ी जीवन और कठिन परिस्थितियों के बीच पले-बढ़े अंशुल बाल्टू ने अपने साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से वह मुकाम हासिल किया, जिस पर आज पूरा हिमाचल गर्व कर रहा है।

शौर्य चक्र असाधारण वीरता और अदम्य साहस के लिए दिया जाता है। मेजर अंशुल बाल्टू को यह सम्मान उनके अद्वितीय पराक्रम और कर्तव्य निर्वहन के दौरान दिखाए गए साहस के लिए प्रदान किया जाएगा। उनकी उपलब्धि इस बात का प्रतीक है कि हिमाचल का युवा आज भी देश की रक्षा में सबसे आगे खड़ा है।

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पूरे देश के लिए घोषित हुए वीरता सम्मान

इस वर्ष घोषित वीरता पुरस्कारों में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा। वहीं ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, मेजर अर्शदीप सिंह और नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा को कीर्ति चक्र दिया जाएगा।

 

शौर्य चक्र पाने वालों में 32 असम राइफल्स के मेजर अंशुल बाल्टू सहित सेना, नौसेना और वायुसेना के कई अधिकारी और जवान शामिल हैं। राष्ट्रपति ने इसके अलावा 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है, जिनमें परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

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हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा

मेजर अंशुल बाल्टू की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह हिमाचल के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सेना में जाने का सपना देखते हैं। पहाड़ों के गांवों से निकलकर देश की सबसे कठिन जिम्मेदारियां निभाना और फिर शौर्य चक्र जैसे सम्मान से नवाजे जाना, यह बताता है कि हौसला हो तो हिमाचल की हर पगडंडी देशभक्ति की राह बन सकती है।

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