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January 25, 2026

हिमाचल : नाना के नक्शे कदम पर चली अंकिता, फ्लाइंग अफसर बन दिवंगत पिता का पूरा किया सपना

नाना सूबेदार, नातिन बनी फ्लाइंग लेफ्टिनेंट

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Indian Airforce Flying Lieutenant Ankita Sharma Hamirpur Himachal

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के होनहार बेटे-बेटियां देश-विदेश में अपनी सफलता का परचम लहराया है। इसी कड़ी में हमीरपुर जिले की एक होनहार बेटी ने अपने सपनों को पंख लगाकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बनी अंकिता

नगर निगम हमीरपुर के वार्ड नंबर-8 की रहने वाली अंकिता शर्मा ने कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर भारतीय वायु सेना की मेडिकल कोर में फ्लाइंग लैफ्टिनेंट का पद हासिल किया है।

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लक्ष्य से नहीं किया समझौता

वर्तमान में वह अंबाला एयरफोर्स कैंट में मेडिकल ऑफिसर के रूप में देश सेवा कर रही हैं। अंकिता शर्मा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।

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दिवंगत पिता का सपना किया पूरा

अंकिता के पिता कमल कुमार शर्मा का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनकी माता रीता शर्मा नगर निगम हमीरपुर के वार्ड नंबर-8 से पार्षद रह चुकी हैं। एक मां के रूप में रीता शर्मा ने बेटी को हर कदम पर हौसला दिया और उसके सपनों को मजबूती से आगे बढ़ने का सहारा बनाया।

यूक्रेन से की MBBS

अंकिता की शुरुआती शिक्षा हमीरपुर के DAV स्कूल में हुई, जहां उन्होंने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की। बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली अंकिता ने इस सपने को साकार करने के लिए यूक्रेन से MBBS की पढ़ाई पूरी की।

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AIIMS में भी दी सेवाएं

विदेश में पढ़ाई के दौरान आई कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने धैर्य और अनुशासन बनाए रखा। MBBS के बाद उन्होंने AIIMS बिलासपुर में करीब दो वर्षों तक सेवाएं देकर अपने अनुभव को और मजबूत किया। इसके बाद दिल्ली में कमीशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर उन्होंने भारतीय वायु सेना के मेडिकल कोर में स्थान प्राप्त किया।

नान के नक्शे कदम पर चली अंकिता

अंकिता ने सेना की वर्दी पहनकर अपने नाना रूप चंद शर्मा के पदचिन्हों पर चलने का सपना भी पूरा किया है। उनके नाना भारतीय सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बचपन से नाना की कहानियों और सैन्य जीवन के अनुशासन ने अंकिता के मन में भी देश सेवा का भाव पैदा किया। यही प्रेरणा उन्हें वायु सेना तक ले गई।

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मार्गदर्शन के बिना नहीं था संभव

फ्लाइंग लेफ्टिनेंट बनने की खबर जैसे ही सामने आई, परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। अंकिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, नाना-नानी, दादा-दादी और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था।

पूरा परिवार हुआ भावुक

इस गौरवपूर्ण मौके पर अंकिता के दादा मिल्खी राम शर्मा, दादी निर्मला देवी, नाना रूप चंद, नानी तारो देवी, भाई अंकुश शर्मा, मामा राजेश शर्मा व रमना देवी तथा मामा राकेश शर्मा व सपना देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि अंकिता आज क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। अंकिता की इस सफलता के बाद उनका पूरा परिवार बेहद भावुक है।

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हर परिस्थिति में हासिल कर सकते हैं सफलता

अंकिता शर्मा की यह सफलता संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। हमीरपुर की यह बेटी आज भारतीय वायु सेना की वर्दी में देश की सेवा कर रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत उदाहरण पेश कर रही है।

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