#विविध
May 24, 2026
एक्टिव मोड में सरकार : पंचायत चुनाव के बाद गांव-गांव जाएंगे CM, मंत्री-विधायक भी सुनेंगे समस्याएं
दूरदराज इलाकों पर रहेगा खास फोकस
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद अब राज्य सरकार ने गांवों की ओर फोकस बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव आचार संहिता हटते ही सरकार एक बार फिर ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम को शुरू करेगी। इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री खुद प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर उनके समाधान की कोशिश की जाएगी।
सरकार स्तर पर इस कार्यक्रम को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ विधायक भी गांवों में जाकर जनता दरबार लगाएंगे। हर मंत्री और वरिष्ठ विधायक को एक-एक जिला सौंपा जाएगा, जहां वे लोगों से सीधे संवाद करेंगे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का अगला दौरा सिरमौर और कांगड़ा जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों में हो सकता है। सरकार का उद्देश्य उन गांवों तक पहुंचना है जहां लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
मुख्यमंत्री पहले भी इस पहल की शुरुआत डोडरा क्वार से कर चुके हैं। इसके बाद कई अन्य दुर्गम इलाकों में भी जाकर लोगों से सीधे मुलाकात की गई थी। अब इसे बड़े स्तर पर दोबारा शुरू करने की तैयारी है।
सरकार की योजना के मुताबिक इन दौरों के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। लोगों की शिकायतें सुनने के साथ-साथ कई मामलों का समाधान उसी समय किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री कार्यालय कार्यक्रमों की तारीख तय करेगा, जबकि मंत्रियों के जिलावार कार्यक्रम संबंधित उपायुक्तों की मदद से तैयार किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा।
राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। शहरी निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस सरकार गांवों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे पहुंचकर सरकार विकास कार्यों और योजनाओं का फीडबैक भी लेगी।