#हादसा
August 16, 2025
हिमाचल में बुजुर्ग को डसा सांप, रात को दवाई खाकर सो गया- सुबह रुक गई धड़कन
दो दिन तक नहीं दिखे शरीर में कोई लक्षण
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है। ऐसे में सांप व बिच्छूओं के काटने का खतरा भी बढ़ गया है। इस सीजन में अब तक कई लोगों की जहरीले सांपों के काटने से मौत हो गई है। मृतकों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं। ऐसी घटनाओं के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।
ताजा मामला जिला ऊना से सामने आया है- जहां अंब के अंदौरा लोअर गांव में एक बुजुर्ग की सांप के काटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना के बाद गांव में माहौल गमगीन बना हुआ है।
परिजनों ने बताया कि घटना बीती कल पेश आई है। दो दिन पहले बुजुर्ग को सांप ने काट लिया था। दो दिन तक उसके शरीर पर कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखे। मगर शुक्रवार को अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई।
परिजन उसे आनन-फानन में उपचार के लिए होशियापुर स्थित एक निजी अस्पातल में ले गए। जहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे वापस घर भेज दिया और शनिवार को दोबारा आने को कहा।
ऐसे में जब परिजन बुजुर्ग को लेकर जब शाम को घर पहुंचे तो रात का खाना खाने के बाद बुजुर्ग दवाई खाकर सोने चला गया। इसी बीच शनिवार को बुजुर्ग की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जब तक परिजन उसे अस्पताल ले जाते और उसने घर पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान चमन लाल (70) के रूप में हुई है। चमन लाल की दुखद मौत ने परिवार को झकझोर कर रखा दिया है। लोगों का कहना है कि चमन लाल काफी मिलनसार और अच्छे स्वभाव का था।
आमतौर पर सांप के काटने पर जहर को शरीर में फैलने से रोकने के लिए लोग उस जगह को बांध लेते हैं। कई बार लोग दो-तीन जगह को बांध देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। यही छोटी-छोटी गलतियां आपकी जान के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
दरअसल, ऐसा करने से सांप के काटने वाली जगह पर खून की सर्कुलेशन रुक जाती है। साथ ही उस जगह के टिश्यू डेमेज होने लगते हैं- जहां सांप ने काटा होता है। इससे गेंगरीन और पैरालिसिस जैसी बीमारियां होने का खतरा हो जाता है। इतना ही नहीं मरीज की मौत भी हो सकती है।
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आपको बता दें कि सांप के काटने की पहचान करने के तीन तरीके हैं-