#यूटिलिटी
January 14, 2026
सुक्खू सरकार का सख्त फैसला : चिट्टा तस्कर नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव, संपत्तियों पर भी चलेगा बुलडोजर
कानून में संशोधन और जल्द जारी होगी अधिसूचना
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ सुक्खू सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब नशा तस्करी या चिट्टे की गतिविधियों में शामिल लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि इसके लिए जल्द अधिसूचना जारी होगी और कानून में संशोधन किया जाएगा। चिट्टे से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलाया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि नशा कारोबारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
इसके बाद संबंधित कानून में संशोधन किया जाएगा। सरकार का इरादा है कि यह फैसला आगामी पंचायत चुनावों में ही लागू किया जाए, ताकि जमीनी स्तर की राजनीति को नशा मुक्त बनाया जा सके।
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने यह भी कहा कि सरकार के पास चिट्टे की गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उन्हें सेवा से भी बर्खास्त किया जाएगा।
कोर्ट में उनके मामलों की सुनवाई अलग से चलेगी, लेकिन नौकरी में उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। सरकार ने नशे से अर्जित की गई कुछ संपत्तियों को पहले ही जब्त कर लिया है और आने वाले समय में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी।
उधर, हिमाचल में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। आपदा के चलते चुनाव समय पर न हो पाने, सीमांकन और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने से पंचायत चुनाव आगे टल गए। इस देरी को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिसके बाद अदालत ने चुनाव प्रक्रिया 30 अप्रैल तक पूरी करने के आदेश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की अधिकांश तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मतदाता सूची, रोस्टर और बैलेट पेपर की छपाई जैसे कार्य लगभग तैयार हैं। हालांकि, पंचायत चुनाव की अंतिम तारीखों का ऐलान सरकार की औपचारिक मंजूरी के बाद ही किया जाएगा।