#हादसा

July 30, 2025

हिमाचल आपदा : देखते ही देखते सैलाब में बहे पत्नी-बेटा और भाई, कुछ नहीं कर पाया बेबस दर्शन

पत्थरों के बीच फंस गया था दर्शन- मलबे ने नहीं दिया किसी को संभलने का मौका

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Jail Road Flash Flood

मंडी। मंगलवार की सुबह मंडी के जेल रोड क्षेत्र में आसमान से बरपी आपदा ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। तड़के बादल फटने की घटना ने ऐसा कहर बरपाया कि दर्शन सिंह का पूरा परिवार पानी के उफान में बह गया।

एक झटके में उजड़ी दुनिया

अब क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के ऑर्थो वार्ड में बिस्तर पर लेटे दर्शन सिंह बार-बार यही कह रहे हैं, “मेरे पास अब कुछ नहीं बचा… मेरा सब कुछ चला गया।” उनकी टूटी टांग और सूजी हुई आंखें इस त्रासदी की मूक गवाही दे रही हैं, लेकिन उससे भी गहरा घाव वह है जो दिल में बना है- एक झटके में पत्नी, बेटा और छोटा भाई सभी लील लिए गए।

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रात को सब थे साथ, सुबह बिछड़ गया परिवार

दर्शन सिंह ने कांपती आवाज में बताया कि सोमवार की रात परिवार ने एक साथ खाना खाया और हंसी-मजाक करते हुए सोने चला गया। तेज बारिश के कारण कई बार उनकी नींद टूटी। मगर किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह उनके साथ ऐसा कुछ हो जाएगा।

धमाके से कांपा इलाका

सुबह करीब 3:30 बजे तेज धमाके की आवाज से पूरा इलाका कांप उठा। लोग घबराकर बालकनियों और दरवाजों पर आ गए। बारिश का बहाव देखते ही देखते तेज हो गया। इसी बीच दर्शन सिंह को याद आया कि उनका ऑटो सड़क किनारे खड़ा है, वह बाहर निकल आए। उनके पीछे-पीछे पत्नी सपना, बेटा अमनप्रीत और भाई बलवीर भी आ गए।

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सब कुछ बह गया

घर से कुछ ही दूर निकले थे कि अचानक तेज बहाव की लहरें आईं और पलभर में सब कुछ बहा ले गईं। दर्शन सिंह बहते हुए एक बंद शटर से टकराए और वहीं पर फंस गए। उन्होंने बताया कि अंधेरा इतना था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। मगर लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें और बाढ़ के सैलाब का वो शोर अब भी उनके कानों में गूंज रहा है।

जैसे-तैसे बचाई जान

शटर के पीछे फंसे दर्शन किसी तरह वहां टिके रहे। उनका कहना है, “मेरे हाथ में एक शीशे का टुकड़ा लगा। उसी से मलबा हटाने की कोशिश की। पत्थरों से टकराते हुए मैं जैसे-तैसे बाहर निकला, लेकिन मेरी टांग टूट चुकी थी।” आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

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टूटी हड्डियों से बड़ा है टूटे दिल का दर्द

डॉक्टरों का कहना है कि दर्शन सिंह का शरीर जितना टूटा है, उससे कहीं ज्यादा उनका मन बिखरा पड़ा है। उनकी टांग में गंभीर चोट है, लेकिन उनकी आंखों में जो सूनापन है, उसका कोई इलाज नहीं है।

दर्शन के नहीं थम रहे आंसू

वार्ड में मौजूद हर व्यक्ति उनकी कहानी सुनकर भावुक हो रहा है। हर कोई उन्हें ढांढस बंधा रहा है, लेकिन दर्शन बार-बार एक ही बात कह रहे हैं- “मेरा परिवार चला गया, अब कुछ भी मायने नहीं रखता।”

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आपदा ने दिए गहरे जख्म

बादल फटने के कारण जेल रोड क्षेत्र में भारी तबाही हुई है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है। खोजबीन जारी है, लेकिन दर्शन के परिवार का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। स्थानीय लोग इस हादसे को हालिया समय की सबसे भयावह घटनाओं में गिन रहे हैं।

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