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July 30, 2025

हिमाचल में महिला के अंतिम संस्कार पर विवाद, देह के साथ कई घंटों तक खड़े रहे परिजन

भारी बारिश के कारण जलमग्न हुई श्मशान घाट

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HAMIRPUR NEWS

हमीरपुर।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर की बड़सर विधानसभा क्षेत्र में एक वृद्ध महिला के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों में गंभीर विवाद खड़ा हो गया। 75 वर्षीय अमरो देवी की मौत के बाद शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान दोनों पक्षों के बीच मतभेद इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

महिला का शव जलाने पर विवाद

स्थिति को तनावपूर्ण होते देख, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस टीम की सूझबूझ से आखिरकार विवाद शांत करवाया गया और हिंदू रीति-रिवाजों के तहत अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

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जलभराव बना विवाद की जड़

मामले की शुरुआत तब हुई जब अमरो देवी, जो कि बीते कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं और जिनका इलाज AIIMS बिलासपुर में चल रहा था, का सोमवार रात निधन हो गया। जब उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय श्मशान घाट ले जाया गया, तो वहां पहले से मौजूद एक अन्य पक्ष ने इसका विरोध किया।

श्मशान घाट पूरी तरह जलमग्न

कारण यह था कि बारिश के चलते उनके पक्ष का श्मशान घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका था और शव को दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इस स्थिति में एक पक्ष चाहता था कि अंतिम संस्कार उसी जगह हो जहां परंपरा के अनुसार उनके पूर्वजों का होता आया है, जबकि दूसरा पक्ष वहां जलभराव होने की बात कहकर शव को स्थानांतरित करने का विरोध कर रहा था।

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दो पक्षों में कहासुनी

बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को गंभीर होता देख बड़सर पुलिस, कडसाई पंचायत के प्रधान राम रतन और ननावां के प्रधान रतन चंद शर्मा मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को सुलझाया। समाज के कुछ वरिष्ठ नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने भी हस्तक्षेप किया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से करवा दिया गया।

 

DSP बड़सर लालमन शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि शव के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों के बीच मतभेद उत्पन्न हुआ था, लेकिन पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला सुलझा लिया गया। इस घटना में किसी भी पक्ष के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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श्मशान घाट की मांग ने पकड़ा जोर

इस घटना ने क्षेत्र में स्थायी और व्यवस्थित श्मशान घाट की आवश्यकता पर फिर से ध्यान खींचा है। कडसाई पंचायत के प्रधान राम रतन ने बताया कि श्मशान घाट के निर्माण के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक उचित भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है। बारिश के मौसम में जब अधिकांश पुराने घाटों में जलभराव हो जाता है, तो अंतिम संस्कार के लिए लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि हर पंचायत स्तर पर एक सुव्यवस्थित, पक्के और ऊंचे स्थान पर श्मशान घाट का निर्माण होना चाहिए- ताकि प्राकृतिक आपदियों या बरसात जैसी परिस्थितियों में इस तरह की स्थिति न उत्पन्न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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