#हादसा
August 26, 2025
हिमाचल: अंतिम संस्कार में जा रहे लोगों पर गिरी जर्जर गौशाला. अर्थी सहित 5 लोग मलबे में दबे
लोगों ने कड़ी मशकत के बाद बाहर निकाले, चार की हालत गंभीर
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला से एक दिल को दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक व्यक्ति की मौत के बाद उसकी शव यात्रा पर एक गौशाला की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे में जहां मृतक की अर्थी दब गई, वहीं कई लोग भी दीवार के मलबे की चपेट में आ गए। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
मामला हिमाचल के हमीरपुर जिला के ब्याह गांव की बताई जा रही है। दरअसल मंगलवार को जिले के ख्याह गांव में एक बेहद दर्दनाक हादसा पेश आया, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। बारिश के चलते कमजोर हो चुकी एक पुरानी और जर्जर गौशाला की दीवार और छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिससे शवयात्रा में शामिल लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर बनी हुई है।
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मंगलवार सुबह गांव के ही निवासी 48 वर्षीय वीरेंद्र कुमार की अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 10 बजे जब शवयात्रा गांव के एक पुराने ढहे जा रहे पशुशाला के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक बारिश में कमजोर हुई छत और दीवार भरभराकर नीचे आ गिरी। कुछ ही पलों में अर्थी और पांच लोग मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। भारी मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने में करीब दो घंटे की मशक्कत लगी। ग्रामीणों की हिम्मत और तत्परता से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही वीरेंद्र कुमार की अर्थी को भी मलबे से बाहर लाया गया और बाद में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
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घटना में घायल हुए पांचों व्यक्तियों को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चार की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि एक व्यक्ति को मामूली चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों के इलाज में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गौशाला के ढहने से यह हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। कई बार इसकी मरम्मत अथवा ध्वस्तीकरण की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश में और ज्यादा खतरनाक हो चुके ऐसे पुराने ढांचों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस दर्दनाक घटना ने वीरेंद्र कुमार के निधन के दुःख को और गहरा कर दिया है। जहां एक ओर परिवारजन पहले से शोकाकुल थे, वहीं अब इस अप्रत्याशित हादसे ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया है। अंतिम संस्कार की क्रिया तो पूरी हो गई, लेकिन हादसे की यादें और मंजर लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गहरा जख्म छोड़ गए हैं।
घटना के बाद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान नहीं आया है। हालांकि स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया है और रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मुआवजा और बचाव के संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।