#हादसा
January 25, 2026
हिमाचल : सिलेंडर में हुआ जोरदार धमा.का, बच्ची और महिला समेत 7 कमरे में फंसे- मचा हड़कंप
घायलों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी
शेयर करें:

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में एक और गैस सिलेंडर का धमाका हुआ है। इस बार ये हादसा कुल्लू के भुंतर क्षेत्र में हुआ। यहां खोखन रोड पर स्थित एक रिहायशी मकान में जोरदार धमाका हो गया। जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अचानक हुए इस धमाके में कुछ लोग घर के अंदर ही फंस गए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा घरेलू गैस सिलेंडर से गैस रिसाव के बाद विस्फोट होने के कारण हुआ बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
धमाके के बाद घर से धुआं उठता देख पड़ोसियों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर साहस दिखाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। इस हादसे में एक ही परिवार सहित कुल सात लोग घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि यह हादसा राकेश कुमार के घर में हुआ। जिस कमरे में गैस सिलेंडर रखा था, वह बंद था। माना जा रहा है कि गैस का रिसाव होने के बाद चिंगारी लगते ही तेज धमाका हुआ, जिससे कमरे में रखा घरेलू सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दीवारों और खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है।
हादसे में एक महिला और एक बच्ची को अपेक्षाकृत अधिक चोटें आई हैं, जबकि अन्य घायलों को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी हैं। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। इस घटना की सूचना मिलते ही भुंतर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में गैस रिसाव को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है। विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो तकनीकी जांच कर रही है।
प्रशासन ने घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। गैस की गंध महसूस होते ही तुरंत सिलेंडर बंद करें, बिजली के स्विच न चलाएं और कमरे को हवादार बनाएं। समय रहते सतर्कता अपनाने से ऐसे गंभीर हादसों को टाला जा सकता है।
इस हादसे में सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में पति-पत्नी और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों की पहचान-