#हादसा
January 15, 2026
हिमाचल अ.ग्निकांड : 9 लोगों के बॉडी पार्ट्स मिले- DNA जांच के बाद परिवारों को 4-4 लाख देगी सरकार
अवैध सिलिंडरों से भड़की आ.ग, पूरे इलाके में मचाई तबाही
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सोलन। राख, मलबा और उम्मीद- हिमाचल प्रदेश स्थित सोलन जिले के अर्की बाजार में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रशासन को मलबे से एक बच्चे का शव और कई क्षत-विक्षत बॉडी पार्ट्स जरूर मिले हैं, लेकिन हालत इतनी खराब है कि यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है कि ये अवशेष कितने लोगों के हैं।
अब इन सभी को DNA जांच के लिए FSL लैब भेजा जा रहा है। सरकार द्वारा मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये राहत राशि के रूप में दी जाएगी। लापता 9 लोगों में से एक बच्चे का शव और 7 बॉडी पार्ट्स बरामद किए गए हैं।
SDM अर्की ने बताया कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। मौके पर SDRF के 10 जवान, NDRF के 33 जवान, डॉग स्क्वायड, होमगार्ड के 34 और पुलिस के 35 जवान राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
यह भीषण अग्निकांड रविवार देर रात ढाई से तीन बजे के बीच हुआ था। आग एक रिहायशी मकान से भड़की, जिसके ग्राउंड और पहली मंजिल में दुकानें थीं, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर नेपाल और बिहार के मजदूर रहते थे। हादसे के दौरान सात परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन दो नेपाली परिवार अंदर ही फंस गए।
अब तक 8 और 10 साल के दो बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बिहार का एक बच्चा सोमवार सुबह जिंदा रेस्क्यू किया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरे बच्चे का शव मंगलवार को बरामद हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस भवन में आग लगी, वहां अवैध रूप से LPG सिलेंडर रखे गए थे। मलबे से आठ घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर बरामद हुए हैं, जिनमें से कुछ फटे हुए थे। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि भवन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन मालिक अपनी दुकान में अवैध सिलेंडर रखता और बेचता था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं और डीजल व केरोसिन के एंगल से भी जांच की जा रही है।
नेपाल निवासी गोविंद और राज बहादुर ने प्रशासन से सर्च ऑपरेशन तेज करने और यदि उनके परिजनों की मौत हो चुकी है तो शव नेपाल भेजने की व्यवस्था करने की मांग की है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए गौशाला भवन में ठहरने और खाने की व्यवस्था की है।
इस हादसे में लापता काशीराम और उसके परिवार की कहानी हर किसी को भीतर तक झकझोर रही है। काशीराम दो माह पहले ही काजा से मजदूरी कर लौटा था। उसका एक बेटा चाचा के घर होने की वजह से बच गया, जबकि दूसरा नेपाल में है। दिनभर उसका बेटा सुशील बचाव दल के पास खड़ा रहा और नम आंखों से मलबे को देखते हुए अपनों के मिलने की उम्मीद करता रहा। काशीराम के भाई मोहन बहादुर ने बताया कि उनके भाई, भाभी, दो बच्चे और भांजे का पूरा परिवार लापता है। नेपाल में भी घरों में मातम पसरा है।