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August 14, 2025

किश्तवाड में बादल फटने से अब तक 32 लोगों गई जा*न, 100 से अधिक घायल; कई लापता

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी आर्मी, CM ने ऐट होम सहित रद्द किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

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Jammu cloud brust

शिमला/ जम्मू। हिमाचल प्रदेश की ही तरह आज गुरुवार दोपहर जम्मू के किश्तवाड़ में बादल फटने से भयंकर तबाही हुई है। बादल फटने से आई बाढ़ में अब तक 32 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। 

किश्तवाड़ में 32 लोगों की मौत

बता दें कि आज हिमाचल के अलग-अलग क्षेत्रों में आज पांच जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। हालांकि आज हिमाचल में बादल फटने से किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था। लेकिन जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में बादल फटने से भारी तबाही मची है। इस भीषण आपदा में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं बाढ़ में आए मलबे की चपेट में आने से कई लोग लापता भी बताए जा रहे हैं।

 

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लंगर स्थल पर मची तबाही, लहरों में बह गए श्रद्धालु

यह हृदयविदारक घटना किश्तवाड़ जिले में मचैल माता यात्रा मार्ग पर स्थित चिशोती गांव में गुरुवार दोपहर लगभग 12 से 1 बजे के बीच हुई। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मचैल माता के दर्शन के लिए एकत्रित थे और वहीं लंगर भी चल रहा था। अचानक आए तेज़ पानी और मलबे की चपेट में आने से लंगर स्थल पर मौजूद लोग बह गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी

बादल फटने की सूचना मिलते ही सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, और पुलिस के जवानों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। अब तक अधिकांश शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दर्जनों घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

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दुर्गम क्षेत्र बना राहत कार्यों में बाधा

चिशोती गांव समुद्र तल से करीब 9,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है और किश्तवाड़ मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। दुर्गम भू.भाग और खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने पद्दार में एक नियंत्रण कक्ष और सहायता डेस्क स्थापित किया है, जो प्रभावित गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर है।

मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी औपचारिक कार्यक्रम

जम्मू.कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ में आई त्रासदी को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाली एट होम टी पार्टी रद्द कर दी है। साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी स्थगित किया गया है। हालांकि, राष्ट्रीय ध्वजारोहण, मुख्यमंत्री का भाषण और परेड कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे।

 

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हिमाचल में भी बादल फटने की पांच घटनाएं

किश्तवाड़ की इस भयावह घटना से ठीक एक दिन पहले हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, चंबा, किन्नौर और कुल्लू में भी बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इन घटनाओं में कई घरों को नुकसान पहुंचा, सड़कें बंद हो गईं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

 

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मचैल यात्रा पर गहरा संकट

प्राकृतिक आपदा के कारण मचैल माता यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, लेकिन इस बार बादल फटने की इस त्रासदी ने यात्रा मार्ग को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंदिर तक की 8.5 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा अभी असुरक्षित मानी जा रही है।

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