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August 14, 2025
हिमाचल के बाद अब यहां फटा बादल, 12 श्रद्धालुओं की गई जा*न; 25 लोग लापता; बेस कैंप तबाह
श्रद्धालुओं के बेस कैंप के पास फटा बादल, सब कुछ बहा ले गया
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शिमला / किश्तवाड। हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश भर में छह जगह बादल फटने से भयंकर तबाही हुई है। अब इसी तरह की तबाही हिमाचल के चंबा जिला से सटे जम्मू कश्मीर में भी हुई है। किश्तवाड़ में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत की सूचना है। वहीं 25 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है।
दरअसल जम्मू.कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार दोपहर भीषण प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपाया। पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में दोपहर 12.30 बजे बादल फटने की घटना में अब तक 12 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता की वार्षिक तीर्थयात्रा के पहले पड़ाव चशोटी गांव में एकत्रित थे। यहीं से यात्रा का औपचारिक शुभारंभ होता है। बादल ठीक उसी स्थान पर फटा जहां श्रद्धालुओं के टेंट, बसें और अस्थायी दुकानें लगी थीं। अचानक आए सैलाब और मलबे की चपेट में आने से कई श्रद्धालु बह गए।
हर साल अगस्त.सितंबर में आयोजित होने वाली मचैल माता यात्रा में देशभर से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यह यात्रा 25 जुलाई से शुरू हुई थी और 5 सितंबर तक चलनी है। श्रद्धालु जम्मू से करीब 210 किलोमीटर की दूरी तय कर किश्तवाड़ पहुंचते हैं और फिर पद्दर से चशोटी तक 19.5 किलोमीटर की सड़क यात्रा के बाद 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके मचैल माता मंदिर पहुंचते हैं। बादल फटने की घटना ने इस यात्रा पर भी अस्थायी रूप से विराम लगा दिया है।
वहीं हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शिमला, कुल्लू, मंडी, ऊना और सिरमौर जिलों में बारिश से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। बुधवार देर रात कोटखाई के खलटूनाला में बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे तराई में बना एक पेट्रोल पंप और वहां खड़ी छह से अधिक गाड़ियां दब गईं। हालांकि, पंप पर कार्यरत कर्मचारियों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली। कुल्लू जिले के श्रीखंड और तीर्थन वैली, शिमला के नांटी गांव और काशापाठ समेत चार स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे नदी.नालों में बाढ़ आ गई और कई स्थानों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
हिमाचल प्रदेश के पूह क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ में फंसे चार लोगों को सेना ने सुरक्षित रेस्क्यू कर मिलिट्री कैंप पहुंचाया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं के कारण प्रदेश भर में 396 सड़कें बंद हो चुकी हैं। कई जगहों पर भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
कुल्लू के बंजार, शिमला के जुब्बल, मंडी के थुनाग और ऊना जिले में एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। तीर्थ यात्रियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे फिलहाल मचैल यात्रा के लिए प्रस्थान न करें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का इंतजार करें। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार संपर्क में हैं। राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।