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April 2, 2025

कर्ज में डूबी सुक्खू सरकार ने 28 करोड़ कमाने के लिए बढ़ाए पानी के दाम, यहां जानें पूरी खबर

3 साल में 30 फीसदी बढ़ गए पानी के दाम 

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Shimla Water Bill

शिमला। अगर आपको विकास के साथ बेहतर सुविधाएं चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी ही होगी। बीते 3 साल से लगातार बढ़ रहे पानी के दाम के बावजूद पेयजल को तरस रहे शिमला शहर के लोगों को भी इस बार पानी के लिए 10 फीसदी ज्यादा कीमत चुकानी होगी। लेकिन इसके पीछे एक और वजह है। शिमला वासियों को 1 जून से चौबीसों घंटे पानी देने के लिए वर्ल्ड बैंक ने दाम बढ़ाने की शर्त रखी थी। 

 

शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) के पास इसके सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं था, क्योंकि अगर वॉटर बिल में 10 फीसदी का इजाफा नहीं होता तो 28 करोड़ का फंड भी नहीं मिलता। अब शिमला शहर के 36 हजार वॉटर कनेक्शनधारियों को 1 अप्रैल से पानी की ज्यादा कीमतें चुकानी होंगी। खुद सीएम सुक्खू की कैबिनेट ने इस बढ़ोतरी का मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2025 से लागू होगी।

 

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28 करोड़ का फंड क्यों जरूरी

असल में शिमला को रोज 45 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। लेकिन गुम्मा और गिरी वॉटर सप्लाई स्कीम से एसजेपीएनएल शहर की केवल 90 फीसदी जरूरत ही पूरी कर पाता है। दिक्कत गर्मी के दिनों में तब होती है, जब शहर में टूरिस्ट की आमद बढ़ जाती है। गर्मी के सीजन में शिमला की जरूरत 67 एमएलडी पानी की हो जाती है।

 

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अब वर्ल्ड बैंक ने सतलुज नदी से पानी खींचकर 24 किलोमीटर लंबी पाइप के जरिए शहर तक पहुंचाने का टारगेट रखा है। लेकिन वर्ल्ड बैंक की शर्त यही थी कि इस टारगेट को तभी पूरा किया जा सकता है, जब एसजेपीएनएल वॉटर बिल में इजाफा करे। अब जबकि एसजेपीएनएल ने वॉटर बिल में 10 फीसदी इजाफे को लागू कर दिया है तो एसजेपीएनएल को 28 करोड़ का फंड भी मिल जाएगा। 

 

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बढोतरी से किनका बिल बढ़ेगा

वॉटर बिल की बढ़ोतरी से अब सीवेज चार्ज भी बढ़ेगा और इसका सबसे ज्यादा असर व्यावसायिक उपभोक्ताओं, यानी होटल-रेस्त्रां उद्योग पर सबसे ज्यादा पड़ेगा, क्योंकि टूरिस्ट की आमद बढ़ने पर पानी की खपत भी बढ़ जाती है। इन उद्योगों के पानी के बिल 100 से 250 रुपए तक बढ़ जाएंगे। इसके बाद भी अगर पानी पूरा न पड़े तो पानी के टैंकर बुलवाने होंगे और इसके दाम भी 10 परसेंट बढ़ गए हैं। ऐसे में गर्मियों में शिमला घूमने आने वाले पर्यटकों से प्रतिदिन का ज्यादा चार्ज वसूला जाना तय है।

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फिर भी पानी मिलेगा, इसका गारंटी नहीं

एसजेपीएनएल ने शहर में पानी का बिल वसूलने वाली कंपनी सुएज इंडिया को अप्रैल से ही बढ़ी हुई दरों पर बिल देने को कहा है। यह लगातार तीसरे साल हुई बढ़ोतरी है। एसजेपीएनएल 2019 से 10 फीसदी की दर से पानी की दरों में इजाफा करता रहा है। इसके बावजूद लोगों को गर्मियों के दिनों में जब पानी नहीं मिला तो भाजपा ने इस पर सवाल खड़े किए थे। लेकिन अभी भी यह तय नहीं है कि शिमलावासियों को चौबीसों घंटे पानी मिलेगा, क्योंकि पंप हाउस से पानी खींचने के लिए 67 केवी की लाइन ही नहीं डली है। ऐसे में अगर 22केवी लाइन से काम चलाया गया तो जाहिर है प्रोजेक्ट के तहत 67 एमएलडी का टारगेट दूर की कौड़ी रहेगी।

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