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February 14, 2025
हिमाचल: 1800 करोड़ खर्च कर सालाना 1350 करोड़ बचाएगी सुक्खू सरकार
इलाज के लिए हिमाचल से बाहर जाने वाले मरीजों को रोकने की कवायद
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शिमला। चिकित्सा सुवधाओं की कमी और बेहतर इलाज न मिलने से हर साल करीब साढे 9 लाख मरीज हिमाचल प्रदेश से बाहर चले जाते हैं। इससे प्रदेश को सालाना 1350 करोड़ का नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए सुक्खू सरकार 1800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। सरकारी अस्पतालों में पुरानी मशीनों को बदलने और सुविधाएं बढ़ाने में यह पैसा खर्च होगा। इससे प्रदेश की जीडीपी में 550 करोड़ रुपए की सालाना बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में ही मरीजों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए और विभाग समयबद्ध तरीके इस योजना को धरातल पर लागू करना सुनिश्चित करें। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को कायाकल्प करने के लिए चार बिंदुओं पर काम किया जाएगा।
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प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के साथ-साथ रेडियोलॉजी और लैब के लिए स्टेट ऑफ द आर्ट उपकरण खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं, कि प्रदेश में ही मरीजों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए और विभाग समयबद्ध तरीके इस योजना को धरातल पर लागू करना सुनिश्चित करें।
सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री-टेस्ला मशीनें, 256 स्लाइस वाली हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें, पैट स्कैन मशीनें के साथ-साथ सभी आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि मरीजों की बीमारी सही समय पर पता लगाया जा सके और उन्हें सही इलाज मिल सके। साथ ही मेडिकल कॉलेजों में मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर बनाए जाएंगे।
सही समय पर बीमारी की पहचान न होने से मरीज का बीमारी पर खर्च 30-50 प्रतिशत बढ़ जाता है। राज्य सरकार के प्रदेश के 69 स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार करेगी, जिसके तहत सभी जोनल अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पतालों, जिला अस्पतालों और सीएचसी में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।