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January 6, 2026
सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना में कर दिया बड़ा बदलाव, अब फ्री इलाज नहीं होगा आसान...
सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना से मिलने वाले फ्री इलाज के नियम किए सख्त
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन की राह पर चलते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश में मुफ्त इलाज की सबसे चर्चित योजना अब पहले जैसी आसान नहीं रही। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार में शुरू हुई हिमकेयर योजना, जिससे लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं, उसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। अब बिना सख्त पहचान सत्यापन के इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। फ्री इलाज के लिए सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को जयराम ठाकुर सरकार की सबसे सफल और जनहितकारी योजनाओं में गिना जाता रहा है। इस योजना के तहत राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के अलावा कुछ निजी अस्पतालों में भी पांच लाख तक का फ्री उपचार उपलब्ध होता था।
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इस योजना के आने से निर्धन वर्ग को काफी लाभ मिला था। लेकिन अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इस योजना की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए इसे और सख्त बना दिया है। सरकार का कहना है कि योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन्हें रोकना जरूरी हो गया था।
सुक्खू सरकार ने फैसला लिया है कि हिमकेयर योजना का लाभ लेने के लिए अब आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा। इलाज से पहले मरीज की पहचान आधार के जरिए सत्यापित की जाएगी। इसके बिना अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार का तर्क है कि एक ही व्यक्ति द्वारा बार.बार लाभ लेने, फर्जी नामों से इलाज कराने और निजी अस्पतालों द्वारा गलत बिलिंग जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं।
धर्मशाला में आयोजित विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद स्वीकार किया था कि हिमकेयर योजना की मंशा भले ही गरीबों को इलाज देने की थी, लेकिन इसका दुरुपयोग भी हुआ। उन्होंने कहा था कि इलाज जरूरतमंदों को मिला, लेकिन सिस्टम में सेंध भी लगी, जिसे ठीक करना सरकार की जिम्मेदारी है।
नई व्यवस्था के तहत जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें अनिवार्य रूप से आधार नामांकन कराना होगा। बच्चों के मामलों में माता-पिता या अभिभावक की सहमति से नामांकन कराया जा सकेगा। इसके लिए अधिकृत आधार केंद्रों पर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों को योजना से बाहर करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उठाया गया है।
अगर किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट खराब होने या अन्य कारणों से आधार प्रमाणीकरण फेल हो जाता है, तो वैकल्पिक पहचान व्यवस्था लागू की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे को आधार से जुड़ी समस्या के कारण हिमकेयर योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। यदि बच्चे के पास आधार नहीं है या पहचान सत्यापन में दिक्कत आती है, तब भी उसे मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
सुक्खू सरकार का मानना है कि आधार ऑथेंटिकेशन लागू होने से हिमकेयर योजना में पारदर्शिता आएगी और सरकारी पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित होगा। यह व्यवस्था हिमाचल प्रदेश राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से लागू मानी जाएगी।