#अव्यवस्था

January 6, 2026

हिमाचल में बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़! बाजार में बिक रही FRUIT JELLY में फ्रूट है ही नहीं

कारोबारी इस जेली को अपने ही कारखाने में तैयार कर रहा था

शेयर करें:

Himachal Fruit Jelly Sample Fail

सोलन। जरा सोचिए...आपके बच्चे को फ्रूट के नाम पर कुछ गलत खिलाया जा रहा हो तो- क्या होगा। ऐसा करना बच्चे की सेहत के सीधा खिलवाड़ करने जैसा है। बच्चों को गलत चीज खिलाना उनकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा ही कुछ हो रहा है हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में भी।

बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक नामी दुकान में बिक रही बच्चों की पसंदीदा फ्रूट जेली का सैंपल जांच में फेल हो गया है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल गेस्ट हाउस में छिपकर बैठा था तस्कर : पुलिस का पड़ा छापा, चरस समेत हुआ अरेस्ट

फ्रूट जेली से फ्रूट गायब

CTL कंडाघाट लैब की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि जिस उत्पाद को ‘फ्रूट जेली’ बताकर बेचा जा रहा था, उसमें फलों का कोई अंश मौजूद ही नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस सैंपल को मिसलीडिंग (भ्रामक) और मिस-ब्रांडेड की श्रेणी में रखा है।

कई दुकानों में हो रही थी सप्लाई

जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित कारोबारी इस जेली को अपने ही कारखाने में तैयार कर रहा था और न केवल अपनी दुकान पर बेच रहा था, बल्कि अन्य छोटी दुकानों को भी इसकी सप्लाई कर रहा था। इससे विभाग की चिंता और बढ़ गई है।

यह भी पढ़ें : बेटे ने निभाया अपना धर्म : 98 साल के पिता को पीठ पर उठाकर करवाए बाबा बालक नाथ के दर्शन

मिठाई की दुकानों से उठाया सैंपल

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारी से उन सभी दुकानों की सूची मांगी है, जहां-जहां यह जेली सप्लाई की गई थी, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनुज शर्मा की टीम ने बद्दी में मिठाई की दुकानों के औचक निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर जेली का सैंपल उठाया था।

जेली के सैंपल हुए फेल

लैब रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जेली के पैकेट पर जिन सामग्रियों का उल्लेख किया गया था, वे जांच में पाई ही नहीं गईं। यह सीधे तौर पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का उल्लंघन है।

यह भी पढ़ें : दूसरे राज्य के तस्करों संग हिमाचल में चिट्टा बेचती थी लड़की- गाड़ी से ढेर सारा नशा बरामद, 3 अरेस्ट

10 लाख रुपये तक जुर्माना...

नियमों के तहत भ्रामक जानकारी देकर खाद्य उत्पाद बेचने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग ने कारोबारी को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर लाइसेंस और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

कारोबारी को दिया महीने का समय

इस मामले पर सहायक आयुक्त, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग डॉ. अतुल कायस्थ ने कहा कि फ्रूट जेली का सैंपल मिसलीडिंग पाया गया है। कारोबारी को नोटिस जारी कर 30 दिन में दस्तावेज मांगे गए हैं। खाद्य पदार्थों पर भ्रामक जानकारी देना गंभीर अपराध है। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख