#अपराध
January 6, 2026
हिमाचल गेस्ट हाउस में छिपकर बैठा था तस्कर : पुलिस का पड़ा छापा, चरस समेत हुआ अरेस्ट
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई- तस्कर हुआ अरेस्ट
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती नशी तस्करी एक बार फिर चिंता का कारण बन गई है। शांत वादियों और सैलानियों की भीड़ की आड़ में नशा तस्कर अब गेस्ट हाउस और होम स्टे को अपना ठिकाना बना रहे हैं। ताजा मामले ने इस खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है, जहां एक गेस्ट हाउस से चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है।
इस घटना से साफ है कि नशा तस्कर पर्यटन सीजन को अपने लिए अनुकूल अवसर मान रहे हैं। पर्यटकों की आवाजाही, बार-बार बदलते चेहरे और अस्थायी ठहराव के कारण गेस्ट हाउस उन्हें सुरक्षित ठिकाना लगते हैं। यही वजह है कि अब ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, STF कुल्लू की टीम को गुप्त सूचना मिली थी- कि लक्ष्मी गेस्ट हाउस सरवरी कुल्लू में एक व्यक्ति के पास नशे की खेप मौजूद है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को खेप के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस टीम ने आरोपी से 493 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस टीम ने खेप को अपने कब्जे में लेकर उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी की पहचान जोगिंद्र सिंह पुत्र छात्ररु राम के रूप में हुई है- जो कि कडौंन भुट्टी, कुल्लू का रहने वाला है।
कुल्लू पुलिस अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि नशा कहां से लाया गया था और इसे किन इलाकों में खपाने की योजना थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल में बढ़ते नशे को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और नशे की तस्करी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
विदित रहे कि, लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले यह साफ संकेत दे रहे हैं कि हिमाचल में नशा अब केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक संकट का रूप ले चुका है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ समाज और परिवारों की सतर्कता भी बेहद जरूरी हो गई है, ताकि युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।
हिमाचल में नशे का फैलता जाल अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले तस्कर इस पूरे नेटवर्क की रीढ़ बन चुके हैं। हाल के महीनों में पुलिस की लगातार कार्रवाईयों ने एक कड़वी हकीकत उजागर की है। हिमाचल में चिट्टा सप्लाई करने वाले ज्यादातर बड़े खिलाड़ी पड़ोसी राज्यों से जुड़े हैं, जो पहाड़ी क्षेत्रों को सुरक्षित ठिकाना मानकर यहां अपना नेटवर्क फैला रहे हैं।