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August 13, 2026

रक्षाबंधन पर मिठास बढ़ाएगी सुक्खू सरकार- डिपुओं में पहुंचेगी सस्ती चीनी, लाखों परिवारों को राहत

डिपुओं तक सप्लाई पहुंचाना अब अगला चरण

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शिमला। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही हिमाचल प्रदेश के उन लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। जो राशन डिपुओं से मिलने वाली सस्ती चीनी के करंट कोटे का इंतजार कर रहे थे।

रक्षा बंधन पर सुक्खू सरकार पर बड़ा तोहफा

त्योहार के दौरान घरों में मिठाइयां, पकवान और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाने के लिए चीनी की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन से पहले राशन डिपुओं में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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डिपुओं में पहुंचेगी सस्ती चीनी

हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने 35,600 क्विंटल चीनी की खरीद के लिए सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद यह ऑर्डर हरियाणा शुगर फेडरेशन को दिया गया है। सप्लाई ऑर्डर जारी होने के साथ ही चीनी की खेप प्रदेश के थोक गोदामों तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

लाखों परिवारों को राहत

अब निगम की कोशिश है कि चीनी की पूरी खेप जल्द प्राप्त कर उसे प्रदेशभर के उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपुओं तक पहुंचाया जाए। इससे उपभोक्ताओं को इसी महीने उनका करंट कोटा मिल सकेगा। त्योहार से पहले डिपुओं में चीनी उपलब्ध होने से उन परिवारों को विशेष राहत मिलेगी, जो बाजार के मुकाबले कम कीमत पर मिलने वाली सरकारी चीनी पर निर्भर हैं।

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इसी महीने उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा कोटा

सरकार की मंजूरी के बाद सप्लाई का रास्ता साफ हो गया है। संबंधित एजेंसी को ऑर्डर दिए जाने के बाद चीनी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में बड़ी मात्रा में खेप हिमाचल पहुंचने की उम्मीद है।

चीनी को थोक गोदामों में रखा जाएगा

पहले चीनी को प्रदेश के थोक गोदामों में रखा जाएगा। वहां से विभागीय व्यवस्था के तहत इसे अलग-अलग राशन डिपुओं तक भेजा जाएगा। आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपभोक्ताओं को अपने संबंधित डिपुओं से चालू महीने का चीनी कोटा मिल सकेगा।

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बाजारों में महंगी चीनी

रक्षाबंधन से पहले यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि त्योहार के नजदीक आते ही घरों में खरीदारी बढ़ जाती है। कई परिवार बाजार से महंगी चीनी खरीदने के बजाय राशन डिपो से मिलने वाली रियायती चीनी का इंतजार करते हैं।

35,600 क्विंटल चीनी की होगी सप्लाई

राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने इस बार 35,600 क्विंटल चीनी की आपूर्ति के लिए ऑर्डर जारी किया है। इतनी बड़ी मात्रा में चीनी की उपलब्धता से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में राशन डिपुओं की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी।

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निगम के स्तर पर चीनी की खेप को प्राप्त करने और उसके बाद डिपुओं तक भेजने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। जैसे-जैसे थोक गोदामों में चीनी पहुंचती जाएगी, उसे आगे वितरण व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

थोक गोदामों में चीनी

राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक अरविंद शर्मा के मुताबिक सरकार से अनुमति मिलने के बाद चीनी की खरीद का आदेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि थोक गोदामों में चीनी पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और उपभोक्ताओं को चालू महीने के दौरान उनका कोटा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

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राशन डिपुओं में बाजार से कम कीमत पर मिलती है चीनी

हिमाचल में उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से पात्र परिवारों को कई आवश्यक खाद्य वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें चीनी भी शामिल है। बाजार में कीमतें बढ़ने की स्थिति में राशन डिपुओं से मिलने वाली सब्सिडी वाली चीनी परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ कम करने में मदद करती है।

अलग-अलग श्रेणियों के राशनकार्ड

प्रदेश में अलग-अलग श्रेणियों के राशनकार्ड धारकों के लिए चीनी की दरें अलग निर्धारित हैं। अंत्योदय अन्न योजना (AAY), प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को चीनी सबसे कम दर पर उपलब्ध कराई जा रही है।

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33 रुपये प्रति किलो चीनी

इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चीनी मिलती है। वहीं सामान्य APL परिवारों के लिए यह दर 33 रुपये प्रति किलो है। APL टैक्सपेयर श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को चीनी 48 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जाती है। इस तरह राशन डिपुओं के माध्यम से मिलने वाली चीनी की दर बाजार में उपलब्ध कीमतों की तुलना में कई परिवारों के लिए आर्थिक राहत का जरिया बनी हुई है।

5,420 राशन डिपुओं से मिल रहा सस्ता राशन

हिमाचल प्रदेश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था काफी व्यापक है। प्रदेशभर में 5,420 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन्हीं दुकानों के माध्यम से पात्र राशनकार्ड धारकों को सरकार की ओर से निर्धारित खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

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ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए राशन डिपो विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें अपने आसपास ही सरकारी दरों पर जरूरी खाद्य सामग्री मिल जाती है। त्योहारों के समय जब घरेलू खपत बढ़ती है, तब इन दुकानों पर चीनी जैसी वस्तुओं की उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

19.58 लाख से ज्यादा राशनकार्ड धारक

प्रदेश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था से बड़ी संख्या में परिवार जुड़े हुए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कुल 19,58,895 राशनकार्ड धारक पंजीकृत हैं। इनमें अलग-अलग आर्थिक और सामाजिक श्रेणियों के परिवार शामिल हैं।

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आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा संख्या सामान्य यानी APL श्रेणी के राशनकार्ड धारकों की है। इस श्रेणी में करीब 11,60,019 परिवार आते हैं। इसके बाद 3,00,795 परिवार PHH श्रेणी में शामिल हैं।

2,76,598 BPL परिवारों को लाभ

वहीं प्रदेश में 2,76,598 BPL परिवार सरकारी राशन व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से सबसे कमजोर परिवारों को लक्षित करने वाली अंत्योदय अन्न योजना के तहत 1,59,658 राशनकार्ड धारक लाभ ले रहे हैं। APL टैक्सपेयर श्रेणी में 60,827 राशनकार्ड दर्ज हैं। इन सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार निर्धारित दरों पर चीनी उपलब्ध कराई जाती है।

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त्योहार के सीजन में बढ़ जाती है चीनी की जरूरत

रक्षाबंधन जैसे त्योहारों में चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। घरों में मिठाइयां बनाने से लेकर खीर, हलवा और अन्य पारंपरिक पकवान तैयार करने तक चीनी की जरूरत रहती है। इसके अलावा भाई-बहन के इस त्योहार पर मिठाइयों की खरीदारी भी बढ़ती है।

 

ऐसे समय में अगर राशन डिपुओं पर चीनी का कोटा उपलब्ध नहीं होता तो उपभोक्ताओं को बाजार से खरीदारी करनी पड़ सकती है। इसलिए सरकार की ओर से त्योहार से पहले आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश को उपभोक्ताओं के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

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महंगाई के बीच कम कीमत वाली चीनी से परिवारों को फायदा

खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच रियायती दर पर मिलने वाली चीनी का सीधा असर परिवारों के घरेलू खर्च पर पड़ता है। खासकर कम आय वाले परिवारों के लिए बाजार और सरकारी दर के बीच कीमत का अंतर महत्वपूर्ण होता है।

 

13 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी पाने वाले AAY, PHH और BPL परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। वहीं एपीएल और एपीएल टैक्सपेयर उपभोक्ताओं को भी निर्धारित दरों पर चीनी उपलब्ध कराई जाती है।

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सरकार की ओर से 35,600 क्विंटल चीनी का ऑर्डर जारी किए जाने के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर है कि उनके स्थानीय राशन डिपो तक चीनी की खेप कब पहुंचती है। यदि निर्धारित समय के अनुसार वितरण पूरा होता है तो रक्षाबंधन से पहले प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को अपने चालू महीने के कोटे की चीनी उपलब्ध हो सकती है।

डिपुओं तक सप्लाई पहुंचाना अब अगला चरण

चीनी की खरीद के लिए ऑर्डर जारी होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण इसकी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आपूर्ति और वितरण का है। थोक गोदामों में पहुंचने वाली चीनी को वहां से संबंधित क्षेत्रों के राशन डिपुओं तक भेजा जाएगा।

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निगम और विभाग के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि सप्लाई समय पर डिपुओं तक पहुंचे और पात्र उपभोक्ताओं को उनका निर्धारित कोटा मिल सके। रक्षाबंधन से पहले वितरण व्यवस्था पूरी होने पर त्योहार की तैयारियों में जुटे परिवारों को बाजार से महंगी चीनी खरीदने की जरूरत कम पड़ सकती है।

 

फिलहाल 35,600 क्विंटल की सप्लाई के आदेश के बाद चीनी की उपलब्धता को लेकर बनी प्रतीक्षा खत्म होने की दिशा में है। अब जैसे-जैसे खेप प्रदेश के थोक गोदामों में पहुंचती जाएगी- वैसे-वैसे इसे राशन डिपुओं तक भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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