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February 2, 2026

हिमाचल: एकता में बल... खुंखार तेंदुए पर भारी पड़ी 'कुकुर सेना', दुम दबाकर भागा जंगल का राजा

शिकार करने आए तेंदुए पर कुत्तों की एकता पड़ी भारी

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mandi dog leopard fight

मंडी। हिमाचल प्रदेश में तेंदुए के आंतक की खबरों के बीच एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। अकसर कहा जाता है कि तेंदुआ दबे पांव आता है और अपने शिकार को उठाकर ले जाता है। लेकिन हिमाचल के मंडी जिला से सामने आए इस मामले ने सभी को चौंका दिया है। यहां शिकार करने के इरादे से आए एक तेंदुए का सामना कुकुर सेना से हो गया। कुकुर सेना ने तेंदुए पर इस तरह से हमाला बोला कि शिकार करने आया तेंदुआ दुम दबाकर वापस जंगल की तरफ भाग निकला। 

 

मामला मंडी जिला की दारपा पंचायत के धाड़ गांव का बताया जा रहा है। यहां जंगल का नियम उस समय पूरी तरह से उलट हो गया, जब पालतू कुत्तों ने एकजुटता और साहस के आगे जंगल का खूंखार शिकारी भी टिक नहीं पाया और जान बचाकर जंगल की ओर भागने पर मजबूर हो गया। यह रोमांचक घटना बीते रविवार की बताई जा रही है।

 

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कुत्तों की एकता ने भगाया तेंदुआ

जानकारी के अनुसार एक तेंदुआ शिकार की तलाश में रिहायशी इलाके की ओर आ धमका। आमतौर पर ऐसे हालात में दहशत का माहौल बन जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग थी। जैसे ही तेंदुआ खेतों की ओर बढ़ा, गांव के करीब आधा दर्जन पालतू कुत्ते एक साथ सतर्क हो गए। अकेले कुत्ते को तेंदुआ आसानी से शिकार बना लेता है, लेकिन यहां कुत्तों ने एकता का परिचय देते हुए तेंदुए को चारों ओर से घेर लिया।

कुत्तों और तेंदुए में हुआ आमना सामना

लगातार भौंकने, आक्रामक रुख और सामूहिक हमले की रणनीति ने तेंदुए को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया। कुछ देर तक आमना.सामना चलता रहा, लेकिन कुत्तों के अडिग साहस और शोरगुल से घबराकर तेंदुआ पीछे हटने लगा और दुम दबाकर वापस जंगल की तरफ भाग गया।  इस तरह शिकारी खुद शिकार बनने से बाल.बाल बच गया। कुत्तों की सतर्कता और हिम्मत ने न केवल खुद को बल्कि पूरे गांव को एक बड़े खतरे से बचा लिया।

 

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ग्रामीणों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

कुत्तों के तेज भौंकने की आवाज सुनकर ग्रामीण भी तुरंत लाठी-डंडे लेकर बाहर निकल आए। इससे तेंदुए के दोबारा हमला करने की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कुत्ते समय रहते एकजुट न होते] तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कुत्तों की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं। ग्रामीण अपने इन वफादार रक्षकों को हीरो बता रहे हैं] जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना गांव की सुरक्षा की।

 

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‘एकता में बल है’ की मिसाल

धाड़ गांव की यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण बन गई है कि जब खतरे के समय एकता दिखाई जाए, तो सबसे बड़ा शिकारी भी हार मानने को मजबूर हो जाता है। यहां सचमुच “शिकारी ही शिकार हो गया” और “एकता में बल है” की कहावत साकार होती नजर आई।

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