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June 26, 2026
सैंकड़ों निहंगों ने हिमाचल में डाला डेरा, मांगों पर झुकी धामी सरकार; साथियों की रिहाई को मांगा समय
पार्किंग विवाद से भड़का मामला, गिरफ्तार साथियों की रिहाई तक हिमाचल में डटे
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नाहन। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में एक मामूली पार्किंग विवाद से शुरू हुआ मामला अब बड़ा रूप ले चुका है और इसका सीधा असर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में देखने को मिल रहा है। पंजाब से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर निकले सैकड़ों निहंग श्रद्धालुओं ने फिलहाल हिमाचल के पांवटा साहिब में डेरा डाल दिया है। गिरफ्तार किए गए अपने चार साथियों की रिहाई और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर निहंग जत्थे अगले दो दिनों तक गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में ही ठहरने वाले हैं।
बताया जा रहा है कि करीब 10 दिन पहले उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंग श्रद्धालुओं के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया। मामले में पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद पंजाब में भी इसका विरोध शुरू हो गया। इसी के विरोध में पंजाब से बड़ी संख्या में निहंग श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड की ओर कूच का ऐलान कर दिया। हालांकि उत्तराखंड सीमा पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात तेजी से बदलते गए और पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया।
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गुरुवार रात हिमाचल-उत्तराखंड सीमा स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर कई घंटों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे निहंग श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। इस दौरान सीमा क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और निहंगों की मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया।
सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड प्रशासन ने निहंग प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान मामले के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि गिरफ्तार चार निहंगों से मुलाकात करवाई जाएगी और मामले के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसी आश्वासन के बाद निहंग जत्थेदारों ने फिलहाल अपने आंदोलन को विराम देते हुए पांवटा साहिब में रुकने का निर्णय लिया है। अब सभी की नजरें अगले दो दिनों में उत्तराखंड सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।
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शुक्रवार शाम तक सैकड़ों निहंग श्रद्धालु पांवटा साहिब पहुंच चुके थे। गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी बनी हुई है। निहंग जत्थेदारों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उनकी प्रमुख मांगों में गिरफ्तार चार साथियों की रिहाई, दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच और घटना में शामिल अन्य पक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई शामिल है।
हालांकि पूरे घटनाक्रम के बीच हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सिरमौर जिला पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। पांवटा साहिब और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड सरकार भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार बातचीत की जा रही है। चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को प्रभावित होने से बचाने के लिए सरकार हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। फिलहाल पांवटा साहिब में डेरा डाले निहंग श्रद्धालुओं की अगली रणनीति उत्तराखंड सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी। आने वाले दो दिन इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकते हैं।