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June 26, 2026
मंत्री विक्रमादित्य के विजन ने बनाया नंबर वन, सड़कों की मजबूती में हिमाचल ने रचा इतिहास
उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से आगे निकला हिमाचल
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शिमला। लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह के नेतृत्व और कार्यशैली का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। ग्रामीण सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का परिणाम यह रहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की ताजा गुणवत्ता मूल्यांकन रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश ने सभी पहाड़ी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है।
दरअसल, यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, भूस्खलन, बर्फबारी और कठिन मौसम जैसी चुनौतियों के बीच भी राज्य में सड़क निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बेहतर निर्माण, सख्त निगरानी और गुणवत्ता पर फोकस ने हिमाचल को देशभर में नई पहचान दिलाई है।
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लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट में हिमाचल की परियोजनाओं को अन्य पहाड़ी राज्यों की तुलना में बेहतर गुणवत्ता वाला माना गया है, जिससे प्रदेश के निर्माण कार्यों को नई पहचान मिली है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित 1,029 सड़क परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया। इनमें से केवल 20 परियोजनाओं में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाई गईं। इस तरह खराब गुणवत्ता वाले कार्यों का प्रतिशत लगभग 3.83 फीसदी रहा, जो पहाड़ी राज्यों में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना गया।
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हिमाचल प्रदेश का अधिकांश हिस्सा पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है, जहां सड़क निर्माण किसी चुनौती से कम नहीं होता। कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन, भारी वर्षा और बर्फबारी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद प्रदेश ने गुणवत्ता के मानकों से समझौता किए बिना बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया है।
रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में 875 परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया, जिनमें 43 सड़क परियोजनाएं गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरीं। वहां खराब कार्यों का प्रतिशत 12.32 फीसदी दर्ज किया गया, जो हिमाचल की तुलना में काफी अधिक है। इस तुलना से स्पष्ट होता है कि पहाड़ी इलाकों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के मामले में हिमाचल ने अन्य राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती हैं। बेहतर गुणवत्ता वाली सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहती हैं, जिससे रखरखाव पर खर्च कम होता है और लोगों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलती है।
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि पर आधारित इस गुणवत्ता मूल्यांकन रिपोर्ट ने यह साबित किया है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने ग्रामीण सड़क निर्माण में उच्च मानकों को बनाए रखा है। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए न केवल राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान की बात है, बल्कि भविष्य की परियोजनाओं के लिए भी एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।