#यूटिलिटी
December 18, 2025
खुशखबरी ! HRTC की खटारा बसों से जल्द मिलेगा छुटकारा : सड़कों पर दौड़ेंगी 297 नई बसें
53 स्थानों पर बनेंगे ई-चार्जिंग स्टेशन
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। पहाड़ों में धुएं और डीजल के शोर के बीच अब खामोशी से चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों की तादाद बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। HRTC के बेड़े में इस महीने के अंत तक 297 ई-बसें शामिल होने वाली है। जिससे ना केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होगा।
ई-बसों के आगमन से पहले निगम स्तर पर जरूरी सुविधाओं को तेज़ी से तैयार किया जा रहा है। प्रदेश भर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। निगम के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल ने सभी क्षेत्रीय और मंडलीय प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
निगम प्रबंधन के अनुसार पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल 53 स्थानों पर ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश स्थानों पर कार्य शुरू हो चुका है और कई जगहों पर अंतिम चरण में है। कंपनी के अधिकारी अगले सप्ताह हिमाचल पहुंचकर इन चार्जिंग स्टेशनों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम कुल 327 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद करने जा रहा है। पहले चरण में 297 बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी, जबकि शेष बसें अगले चरण में जोड़ी जाएंगी। यह परियोजना हिमाचल के परिवहन इतिहास में एक अहम कदम मानी जा रही है।
निगम के अनुसार शिमला लोकल वर्कशॉप, ठियोग, नूरपुर, धर्मशाला, पालमपुर, हमीरपुर, नादौन, ऊना, बिलासपुर, मंडी, अर्की, नालागढ़, नाहन, कुल्लू, चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इससे प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय इलाकों में भी ई-बसों का संचालन संभव हो सकेगा।
चार्जिंग स्टेशनों के लिए नए विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। वहीं, चार्जिंग स्टेशनों से जुड़े सिविल कार्यों की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपी गई है। कुछ स्थानों पर शेष कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
ई-बसों के शुरू होने से जहां एक ओर ईंधन खर्च और प्रदूषण में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को शांत, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा। आने वाले समय में यह पहल हिमाचल को ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में एक मजबूत पहचान दिला सकती है।