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January 24, 2026
हिमाचल में भारी बर्फबारी : 563 सड़कें बंद, हजारों पर्यटक फंसे- कई इलाकों में ब्लैकआउट
तीन साल बाद शिमला में रिकॉर्ड बर्फबारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चला आ रहा सूखे का दौर आखिरकार भारी बर्फबारी और झमाझम बारिश के साथ खत्म हो गया है। बीते करीब चार महीनों से बारिश और बर्फ का इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को शुक्रवार को राहत मिली, जब मौसम ने अचानक करवट ली।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि निचले क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। पहाड़ों की रानी शिमला, पर्यटन नगरी मनाली, डलहौजी और चायल जैसे प्रमुख सैलानी स्थलों में पहली बर्फ गिरते ही नजारा पूरी तरह बदल गया। सफेद चादर में लिपटे पहाड़ों ने जहां पर्यटकों को रोमांच से भर दिया, वहीं आम जनजीवन पर इसका गहरा असर देखने को मिला।
भारी बर्फबारी और बारिश के कारण प्रदेश भर में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। पांच राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 563 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। खासकर अपर शिमला क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। शिमला-किन्नौर, मनाली-लेह, आनी-कुल्लू, हाटकोटी-पांवटा साहिब और चंबा-भरमौर जैसे अहम मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।

सैकड़ों बसें और पर्यटक वाहन जगह-जगह फंसे रहे, जिससे यात्रियों को घंटों तक परेशान होना पड़ा। कुफरी-फागू क्षेत्र से करीब 100 और आनी के रघुपुरगढ़ क्षेत्र से 48 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्रदेश में हजारों पर्यटक विभिन्न इलाकों में फंसे रहे, हालांकि प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
बर्फबारी-बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। प्रदेश में 10,384 से अधिक ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए। कई क्षेत्रों में दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित रही। लोक निर्माण विभाग और विद्युत बोर्ड की टीमें सड़कों की बहाली और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी हैं।
खराब मौसम को देखते हुए मनाली और बंजार उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही मनाली विंटर कार्निवल के सभी कार्यक्रम सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि, बर्फबारी के बीच शिमला और मनाली में पर्यटकों ने जमकर मस्ती की और बर्फ से ढकी सड़कों पर तस्वीरें खिंचवाईं।
शिमला, लाहौल-स्पीति और आसपास के इलाकों में दिनभर बर्फीला तूफान चलता रहा। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। भरमौर क्षेत्र की गाण, सुनारा और छतराड़ी पंचायतों में 12 मकानों की छतें उड़ गईं। कमरूघाटी में भी अंधड़ से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। लाहौल का कुल्लू से संपर्क पूरी तरह कट गया है, जहां 200 से अधिक सड़कें और 85 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं।
मौसम की मार से हवाई और रेल सेवाएं भी अछूती नहीं रहीं। शुक्रवार को कांगड़ा, कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों पर सभी उड़ानें रद्द रहीं। वहीं कालका-शिमला रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से तीन से चार घंटे तक ट्रेन यातायात बाधित रहा।
लगातार हो रही भारी बर्फबारी के चलते कुल्लू और लाहौल के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने 2,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के लिए हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी की है, जो 25 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। मनाली-लेह मार्ग, अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल, कोकसर-सिस्सू-तांदी, दारचा-जिंगजिंगबार और बारालाचा-सरचू के बीच संवेदनशील हालात बने हुए हैं।

कुल्लू के ADC अश्वनी कुमार ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से बर्फीले व संवेदनशील क्षेत्रों की ओर न जाने की अपील की है। अटल टनल के साउथ पोर्टल, तांदी-थिरोट, उदयपुर, छतडू-लोसर और ताबो-काजा-समदो मार्ग पर भी हिमस्खलन की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके चलते 27 जनवरी को किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी बर्फबारी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 28 जनवरी को येलो अलर्ट रहेगा।
राजधानी शिमला में शुक्रवार को एक ही दिन में पूरे जनवरी महीने के बराबर बर्फबारी दर्ज की गई, जो पिछले तीन वर्षों में पहली बार हुआ है। लंबे इंतजार के बाद मिली इस बर्फबारी ने जहां किसानों की फसलों को संजीवनी दी है, वहीं पर्यटन कारोबार के लिए भी नई उम्मीदें जगा दी हैं।