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February 1, 2026
अमेरिका में बंदी हिमाचल का युवक, 14 दिन बाद घर लौटा, शादी की खुशियां हुईं दोगुनी
रिक्षित सकुशल लौटे घर
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। यहां जिला के पालमपुर क्षेत्र के रहने वाले रिक्षित चौहान, जो बीते 24 दिनों से अमेरिका के कब्जे में फंसे हुए थे, आखिरकार सही सलामत अपने घर लौट आए हैं। उनके घर पहुंचते ही परिवार की कई हफ्तों की चिंता खत्म हो गई और पूरे इलाके में खुशी का माहौल बन गया।
बता दें कि रिक्षित चौहान रूसी ऑयल टैंकर मैरिनेरा में काम कर रहे थे। 7 जनवरी को अमेरिका की तट रक्षक टीम ने इस जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था। उस समय जहाज में कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें भारत के तीन युवक शामिल थे। रिक्षित भी उन्हीं में से एक थे। इस घटना के बाद से उनका परिवार लगातार चिंता में डूबा हुआ था।
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देर रात करीब एक बजे जब रिक्षित चौहान अपने घर पहुंचे तो परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। माता-पिता, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से घर में जिस चिंता का माहौल था, वह पल भर में खुशी में बदल गया।
रिक्षित की घर वापसी इसलिए भी खास रही क्योंकि 17 फरवरी को उनके बड़े भाई दीक्षित चौहान की शादी है। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन बेटे के विदेश में फंसे होने के कारण खुशियां अधूरी लग रही थीं। अब जब रिक्षित सकुशल घर लौट आए हैं, तो शादी की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। परिवार ने शादी के कार्यक्रमों की शुरुआत भी कर दी है।
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रिक्षित के पिता रणजीत सिंह ने बताया कि सोमवार शाम करीब 8:20 बजे बेटे का फोन आया था और उसने घर लौटने की बात कही थी। इसके बावजूद परिवार को पूरी तरह भरोसा नहीं हो पा रहा था। रविवार सुबह जब बेटा सही-सलामत घर पहुंचा, तब जाकर सभी की चिंता खत्म हुई। उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया और केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, विदेश मंत्रालय व सभी मददगार लोगों का आभार जताया।
घर पहुंचने के बाद रिक्षित चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिस दिन जहाज को अमेरिकी तट रक्षकों ने कब्जे में लिया, उस दिन उन्हें काफी डर लगा था। उनका मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज ले लिए गए थे, जिससे वे घरवालों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।
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हालांकि कुछ समय बाद उन्हें मोबाइल लौटा दिया गया और होटल में ठहराया गया, जहां किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। लेकिन परिवार से बात न हो पाने की वजह से मन में लगातार चिंता बनी रही।
रिक्षित चौहान ने बताया कि 20 जनवरी के बाद उन्हें परिवार से बात करने का मौका मिला, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। उन्होंने अपनी सुरक्षित रिहाई के लिए भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, प्रदेश सरकार और भाजपा नेताओं का धन्यवाद किया। रिक्षित की सुरक्षित वापसी को परिवार और स्थानीय लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
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रिक्षित के घर लौटने से न सिर्फ उनके परिवार में बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। अब परिवार पूरी तरह से शादी की तैयारियों में जुट गया है और लंबे समय बाद घर में फिर से रौनक लौट आई है।