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March 6, 2026
हिमाचल में बढ़ता तापमान बना परेशानी, कल होगी बारिश-बर्फबारी; जानें मौसम अपडेट
किसानों-बागवानों के लिए राहत भरी खबर
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार यानी कल से प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर आगामी 11 मार्च तक देखने को मिल सकता है।
इस सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 7 मार्च को प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं।
इसके बाद 8 मार्च को अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रह सकता है, लेकिन 9 मार्च से मौसम फिर से बदलने की संभावना है। 9 से 11 मार्च के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 मार्च को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। इस दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश होने की संभावना है।
विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिले की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। वहीं मध्य और निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई जगहों पर दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है।
आम तौर पर मार्च के पहले सप्ताह में पहाड़ी इलाकों में हल्की ठंड बनी रहती थी, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। कई क्षेत्रों में अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है, जिससे लोगों के साथ-साथ किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम में संभावित बदलाव किसानों और बागवानों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार पड़ रही गर्मी और सूखे मौसम के कारण गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
अगर आगामी दिनों में बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को फायदा मिलेगा। इससे गेहूं की बालियों के विकास और अन्य फसलों की वृद्धि में भी मदद मिल सकती है। हिमाचल में इस समय सेब, प्लम, आड़ू और अन्य फलदार पौधों में फूल आने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। ऐसे में हल्की बारिश और ठंडा मौसम बागवानी के लिए फायदेमंद माना जाता है।
बागवानों का कहना है कि अगर समय पर हल्की बारिश होती है तो पौधों को पर्याप्त नमी मिलती है और फल उत्पादन बेहतर हो सकता है। हालांकि, अधिक बारिश या तेज आंधी-तूफान की स्थिति में फूलों को नुकसान होने की भी आशंका रहती है, इसलिए बागवान मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को आगामी दिनों में मौसम के बदलते मिजाज को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
फिलहाल, प्रदेश में लोग बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे न केवल बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी बल्कि किसानों और बागवानों के लिए भी यह मौसम काफी लाभदायक साबित हो सकता है।