#अपराध
March 6, 2026
हिमाचल जेल में बंद था नशेड़ी पति, चिट्टा लेकर पहुंची पत्नी- चैकिंग के दौरान पकड़ी गई
चिट्टा तस्करी के मामले में पति जेल में बंद है
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही चिट्टा तस्करी के बीच जिला कारागार मंडी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जेल में बंद एक कैदी तक चिट्टा पहुंचाने की कोशिश की गई, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान जेल प्रशासन ने नाकाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह कोशिश कैदी की पत्नी ने की थी, जो मुलाकात के बहाने जेल पहुंची थी। मामले में पुलिस ने 1.3 ग्राम चिट्टा बरामद करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया और नियमानुसार उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर जिला कारागार मंडी में कैदियों से मिलने के लिए नियमित मुलाकात का समय चल रहा था। इसी दौरान बागाचनोगी, मंडी की सुनीता अपने पति सूरज कुमार शर्मा से मिलने जेल पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि उसका पति पहले से ही चिट्टा तस्करी के मामले में जेल में बंद है। मुलाकात के दौरान महिला ने कपड़ों के माध्यम से सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ जेल के अंदर भेजने का प्रयास किया।
हालांकि, ड्यूटी पर तैनात जेल स्टाफ ने सुरक्षा जांच के दौरान महिला की गतिविधियों पर शक होने पर जांच की। जांच के दौरान कपड़ों में छिपाकर लाया गया संदिग्ध पदार्थ बरामद कर लिया गया।
जेल स्टाफ द्वारा बरामद किए गए पदार्थ की जांच की गई, जिसमें यह चिट्टा प्रतीत हुआ। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन करीब 1.3 ग्राम पाया गया। इसके बाद जिला कारागार मंडी के सहायक अधीक्षक ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि जिस कैदी को चिट्टा पहुंचाने की कोशिश की गई, वह पहले से ही चिट्टा तस्करी के मामले में जेल में बंद है। पुलिस का मानना है कि आरोपी को नशे की तलब पूरी करने के लिए उसकी पत्नी को भी इस अवैध काम में शामिल किया गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या महिला किसी बड़े नेटवर्क के संपर्क में थी या यह प्रयास केवल व्यक्तिगत स्तर पर किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार चिट्टे की लत कई बार कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। कई मामलों में देखा गया है कि नशे के आदी आरोपी जब लंबे समय तक नशा नहीं कर पाते तो उनकी तबीयत बिगड़ जाती है और उन्हें अस्पताल तक ले जाना पड़ता है।
ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं, जहां जेल में बंद आरोपी चिट्टे की तलब के कारण परेशान हो जाते हैं। यही कारण है कि कुछ मामलों में नशे की आपूर्ति के लिए बाहरी लोगों को भी इस अवैध गतिविधि में शामिल कर लिया जाता है।
मामले की पुष्टि करते हुए SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि जिला कारागार मंडी में कैदी तक चिट्टा पहुंचाने के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से चिट्टा तस्करी और नशे का प्रचलन लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद नशे का जाल युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है।
विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों और हाईवे से जुड़े इलाकों में चिट्टा तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई बार तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर नशे को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की कोशिश करते हैं। जेल तक चिट्टा पहुंचाने की कोशिश का यह मामला भी इस बात की ओर इशारा करता है कि नशे का जाल अब समाज के विभिन्न स्तरों तक फैलता जा रहा है।