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March 6, 2026

हिमाचल को मिले नए राज्यपाल: 13 महीने जेल में रहे, RSS से नाता- जानें कौन हैं कविंदर गुप्ता?

शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना भेजा, कविंदर गुप्ता बने नए गवर्नर

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में राजभवन को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। राज्य सरकार के साथ कई मुद्दों पर चली आ रही तकरार और राजनीतिक चर्चाओं के बीच अब प्रदेश को नया राज्यपाल मिल गया है। केंद्र सरकार ने मौजूदा राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना की जिम्मेदारी सौंपते हुए उनकी जगह जम्मू-कश्मीर की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ नेता कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। राष्ट्रपति की ओर से गुरुवार देर शाम इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सक्रिय नेता

कविंदर गुप्ता का नाम जम्मू-कश्मीर की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय नेताओं में लिया जाता है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी के साथ दशकों से संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर काम करते रहे हैं। हाल के वर्षों में वे लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

जम्मू में जन्मे कविंदर गुप्ता ने किशोरावस्था से ही सार्वजनिक जीवन में सक्रियता दिखाई।

जाना पड़ा था जेल

बताया जाता है कि उन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया था। आपातकाल के दौर में भी वे सक्रिय रहे और उस समय उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

 

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जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री भी रहे

राजनीतिक सफर के दौरान कविंदर गुप्ता ने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा जम्मू नगर निगम में वे मेयर चुने गए और कई वर्षों तक इस पद पर कार्य किया।

 

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वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गांधीनगर सीट से जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया। बाद में उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया और इस पद तक पहुंचने वाले भाजपा के पहले नेता बने। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया था। हालांकि उस समय भाजपा और पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद उनका कार्यकाल अधिक लंबा नहीं चल पाया।

हिमाचल में नई जिम्मेदारी

अब केंद्र सरकार ने उन्हें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी दी है। राजनीतिक अनुभव और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें एक अनुभवी प्रशासक के तौर पर देखा जाता है।

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शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना भेजा गया

वहीं, मौजूदा राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे फरवरी 2023 में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बने थे और करीब तीन वर्षों तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल के दौरान कई मौकों पर राज्य सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। अब नए राज्यपाल की नियुक्ति के साथ हिमाचल के राजभवन में एक नई प्रशासनिक पारी शुरू होने जा रही है, जिस पर प्रदेश की राजनीतिक हलकों की नजरें भी टिकी रहेंगी।

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