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July 30, 2025

हिमाचल कैबिनेट: मेडिकल डिवाइस पार्क और जलविद्युत परियोजनाओं पर सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला

कैबिनेट ने 194 पावर-प्रोजेक्ट का आवंटन रद्द करने का लिया फैसला

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Himachal Cabinet Meeting

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। यह बैठक राज्य के लिए लगातार तीसरे दिन हुई, जिसमें बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, राजस्व, सामाजिक कल्याण और औद्योगिक विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। बैठक की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें राज्य की कई अटकी योजनाओं को दिशा देने के साथ-साथ आम जनता के हित में निर्णय लिए गए।

मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित

बैठक में सबसे पहले स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। नालागढ़ में 300 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने को स्वीकृति दी गई। यह समिति आगामी दो महीनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस पार्क से राज्य में निवेश] रोजगार और तकनीकी विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

 

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खनिज नियमों में संशोधन, ठेकेदारों को मिली राहत

हिमाचल प्रदेश लघु खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण निवारण) नियम, 2015 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। नए संशोधनों के अनुसार, अब जलाशयों की गाद निकालने और सड़क निर्माण में निकली सामग्री का उपयोग ठेकेदार निजी कार्यों के लिए कर सकेंगे। साथ ही, बची हुई सामग्री की नीलामी राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।

जलविद्युत परियोजनाओं पर सख्ती, 194 प्रोजेक्ट रद्द

राज्य सरकार ने जलविद्युत क्षेत्र में वर्षों से लंबित परियोजनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। बैठक में कुल 194 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की मंजूरी दी गई, जिनमें:

  • 172 परियोजनाएं (5 मेगावाट से कम क्षमता की) हिम ऊर्जा के तहत आती थीं और लंबे समय से रुकी हुई थीं। इन्हें अब दोबारा विज्ञापित किया जाएगा। 
  • 22 परियोजनाएं, जिनके लिए 5 मेगावाट से अधिक की क्षमता थी, लेकिन समझौता नहीं हो पाया, उन्हें भी रद्द कर दिया गया है।
  • भविष्य में आवंटित होने वाली परियोजनाओं में 12% मुफ्त बिजली रॉयल्टी और 1% स्थानीय क्षेत्र विकास कोष देना अनिवार्य किया गया है।

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कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार को मिली गति

कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की दिशा में भी मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला लिया। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्स्थापन से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया की समयसीमा को एक वर्ष बढ़ाकर अब 16 अगस्त 2026 तक किया गया है, जिससे विकास प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके।

शिमला-धर्मशाला उड़ान को लेकर MOU बढ़ाया

कैबिनेट ने शिमला-धर्मशाला-शिमला हवाई मार्ग पर उड़ान संचालन के लिए राज्य सरकार और अलाइंस एयर एविएशन लिमिटेड के मध्यम समझौता ज्ञापन (MOU) को 1 जुलाई, 2025 से 30 जून, 2026 तक के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

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धौलाकुआं-माजरा क्षेत्र के लिए विकास योजना को स्वीकृति

जिला सिरमौर के धौलाकुआं माजरा क्षेत्र के लिए विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है। यह योजना सतत विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिससे क्षेत्र में नियोजित और हरित विकास संभव हो सकेगा।

पटवार सर्किल नलेटी का पुनर्गठन

कांगड़ा जिले में प्रशासनिक सुविधा को बेहतर करने के उद्देश्य से पटवार सर्कल नलेटी का पुनर्गठन किया गया है। इसके अंतर्गत देहरा तहसील के महाल-मसोटा और बलाहर गांवों को हटाकर इन्हें प्रागपुर तहसील के पटवार सर्कल गढ़ में जोड़ा गया है।

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नशे के खिलाफ सरकार की रणनीति पर हुई प्रस्तुति

बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश में नशाखोरी की स्थिति पर विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें आबकारी एवं कराधान विभाग ने राज्य में नशे के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। सरकार ने इसे एक गंभीर सामाजिक चुनौती मानते हुए विभिन्न विभागों के सहयोग से अभियान तेज करने का संकेत दिया है।

करुणामूलक आधार पर भर्ती नीति में संशोधन,500 पद भरने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने करुणामूलक नियुक्ति नीति में संशोधन करते हुए आय सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये वार्षिक कर दिया है। अब 45 वर्ष से कम आयु की विधवाओं और माता-पिता विहीन अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जहां पांच प्रतिशत कोटे के तहत रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं, वहां सरकार ने एकमुश्त छूट देकर पात्रों को नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। इस दिशा में तत्काल प्रभाव से 500 पदों को भरने की भी अनुमति दी गई।

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